Bhopal News: देर रात तक चली आबकारी विभाग की छापामार कार्रवाई, ढाबे-होटल्स पर कसा शिकंजा, 28 प्रकरण दर्ज
Bhopal News: राजधानी के रेस्टोरेंट, होटल और ढाबों पर अवैध मदिरापान और शराब परोसने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के निर्देश पर आबकारी विभाग की टीमों ने मंगलवार रात रायसेन रोड, केरवा रोड, बैरागढ़ और नीलबड़ क्षेत्र में जबरदस्त छापामार कार्रवाई की।
तीन टीमों द्वारा चलाए गए इस तलाशी अभियान में नामी-गिरामी रेस्टोरेंट्स और ढाबों जैसे रौनक ढाबा, युवराज ढाबा, शामियाना रेस्टोरेंट, मित्रों ढाबा, जीसी रिट्रीट, ग्रेवाल, सफल रिट्रीट, व्हाइट आर्किड, ट्री चैप्टर, वायु और फॉर्च्यून गार्डन की गहन जांच की गई।

इस दौरान अवैध रूप से शराब परोसने और खुलेआम मदिरापान करते पाए गए व्यक्तियों और संचालकों पर कार्रवाई करते हुए कुल 28 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए।
Bhopal News raid: वरिष्ठ नेतृत्व और सख्त निगरानी
इस सघन कार्रवाई का नेतृत्व नियंत्रण कक्ष प्रभारी आरजी भदौरिया कर रहे थे, जबकि पूरी कार्रवाई सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ के मार्गदर्शन में हुई। जिले के समस्त आबकारी अधिकारी और स्टाफ इस अभियान में मुस्तैद रहे।
Bhopal News raid: कार्रवाई जारी रहेगी
आबकारी नियंत्रण कक्ष भोपाल ने स्पष्ट किया है कि राजधानी में अवैध शराब सेवन और परोसने के खिलाफ ऐसी तलाशी और छापामार कार्यवाहियां आगे भी निरंतर जारी रहेंगी। विभाग का मकसद है कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब की अवैध खपत को पूरी तरह रोका जाए और कानून व्यवस्था को बनाए रखा जाए। संदेश साफ है: नियमों की अनदेखी करने वाले होटल और रेस्टोरेंट अब विभाग की रडार पर हैं - चाहे वो कितने भी बड़े ब्रांड क्यों न हों।
आबकारी विभाग की रणनीति
आबकारी नियंत्रण कक्ष, भोपाल के प्रभारी श्री आर.जी. भदौरिया ने बताया कि इस अभियान में जिला आबकारी विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे। उन्होंने कहा, "आबकारी विभाग अवैध शराब की बिक्री और मदिरापान पर सख्ती से नजर रख रहा है। भोपाल में ऐसी कार्यवाहियां निरंतर जारी रहेंगी ताकि अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।" यह अभियान मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत संचालित किया गया, जिसके अंतर्गत अवैध शराब की बिक्री, परिवहन, और धारण के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।

21 मई 2025 की इस कार्यवाही में कुल 28 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए। इनमें शामिल हैं:
- अवैध शराब परोसना: कई रेस्टोरेंट और ढाबों पर बिना उचित लाइसेंस के शराब परोसी जा रही थी।
- अनधिकृत स्थानों पर मदिरापान: कुछ प्रतिष्ठानों पर निर्धारित क्षेत्रों के बाहर शराब का सेवन कराया जा रहा था।
- लाइसेंस उल्लंघन: कुछ मामलों में शराब की बिक्री के लिए आवश्यक लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन पाया गया।
- प्रत्येक प्रकरण में मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई, और दोषियों के खिलाफ जुर्माना, जब्ती, और अन्य दंडात्मक उपायों पर विचार किया जा रहा है। कुछ मामलों में प्रकरणों को सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
प्रशासनिक प्रभाव
इस तलाशी अभियान ने भोपाल के रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों के बीच हड़कंप मचा दिया है। कई संचालकों ने आबकारी विभाग की इस सख्ती पर चिंता जताई है, लेकिन स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। सामाजिक कार्यकर्ता रमेश शर्मा ने कहा, "अवैध शराब की बिक्री और खुले में मदिरापान से सामाजिक माहौल खराब होता है। आबकारी विभाग की यह कार्रवाई सराहनीय है और इसे नियमित रूप से जारी रखना चाहिए।"
भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने इस अभियान की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन अवैध गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में भी ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे ताकि शहर में कानून-व्यवस्था बनी रहे।












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