“2026 में मंडराएंगे विश्व युद्ध के बादल!” — बाबा उमाकांत महाराज की भविष्यवाणी, बताया बचाव का आसान मार्ग
मध्य प्रदेश के पवित्र नगरी उज्जैन में स्थित बाबा जयगुरुदेव धर्म विकास संस्था के आश्रम में मंगलवार (28 अक्टूबर 2025) को एक विशाल सतसंग का आयोजन किया गया। हजारों भक्तों की उपस्थिति में संत सतगुरु, बाबा उमाकान्त महाराज ने भविष्य की गंभीर चेतावनियां दीं।
उन्होंने कहा कि भारत के महात्माओं की राय पर चलने वाले प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ही खराब समय में अपने और अपने देश की रक्षा कर पाएंगे। साथ ही, शराब और मांसाहार के कारण आने वाली ऐसी भयावह बीमारियों का जिक्र किया, जो कोरोना जैसी महामारी से भी कहीं अधिक विनाशकारी होंगी।

सबसे चौंकाने वाली भविष्यवाणी थी 2026 में मंडराते विश्व युद्ध के बादलों की, जिससे बचने का सरल उपाय नाम जप और शाकाहार बताया। बाबा जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "अभी विश्वास न करो, लेकिन जब हो जाएगा तब मान लेना।"
सतसंग का माहौल: आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत
उज्जैन के माकसी रोड स्थित आश्रम में सतसंग की शुरुआत सुबह 11 बजे हुई। पिंगलेस्वर रेलवे स्टेशन के सामने बने इस विशाल परिसर में देश-विदेश से आए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हरे-भरे लॉन में लगे पंडालों में महिलाएं, पुरुष और बच्चे एकत्र हुए। हवा में 'जय गुरुदेव नाम प्रभु का' का जयकारा गूंज रहा था। बाबा उमाकान्त महाराज जब मंच पर विराजमान हुए, तो पूरा परिसर भक्ति भाव से थर्रा उठा। उनके चेहरे पर वही शांत मुस्कान थी, जो उनके सतसंगों की पहचान है।
सतसंग का प्रसारण आधिकारिक यूट्यूब चैनल 'जयगुरुदेव यूकेएम' पर लाइव किया गया, जिसे लाखों भक्तों ने देखा। कार्यक्रम में नामदान (नाम जप की दीक्षा) भी दिया गया, जिसमें सैकड़ों नए भक्तों ने भाग लिया। बाबा जी ने कहा, "सतगुरु का नाम ही वह अमृत है, जो काल के जाल से बचा सकता है।" यह सतसंग न केवल आध्यात्मिक ज्ञान का केंद्र बना, बल्कि भविष्य की आशंकाओं के बीच आशा की किरण भी।
बाबा उमाकान्त जी का संक्षिप्त परिचय: जयगुरुदेव के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी
पूज्य बाबा उमाकान्त जी महाराज का जन्म उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में हुआ। वे परम संत बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी हैं। 16 मई 2007 को बसीरतगंज आश्रम में बाबा जयगुरुदेव ने उन्हें उत्तराधिकारी घोषित किया था, कहते हुए, "यह उमाकान्त तिवारी हैं, यह पुरानों की संभाल करेंगे।" उज्जैन में बसाए गए इस आश्रम को उन्होंने 'धर्म विकास संस्था' के रूप में विकसित किया।
बाबा को त्रिकालदर्शी कहा जाता है, क्योंकि उनकी भविष्यवाणियां अक्सर सत्य साबित हुई हैं। ऐसा उनके भक्तों का मानना है। कोरोना महामारी से पहले ही उन्होंने चेतावनी दी थी, "शराब-मांस से ऐसी बीमारियां आएंगी कि दवा नहीं मिलेगी।" आज दुनिया उनके इस कथन को सत्य मान रही है।
मुख्य संदेश: महात्माओं की राय पर चले देश के नेता
सतसंग की शुरुआत में बाबा जी ने देश की राजनीति पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "भारत के महात्माओं की राय लेकर जो प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति काम करेंगे, वही खराब समय में अपनी और अपने देश की रक्षा कर पाएंगे। कुदरत के कोप से बचाव केवल संतों के मार्ग से ही संभव है।" यह बयान वर्तमान वैश्विक अस्थिरता के बीच बेहद प्रासंगिक लगा। भक्तों ने तालियों से इसका स्वागत किया।
बाबा जी ने जोर देकर कहा कि संतों का मार्ग न अपनाने से देशों को भारी नुकसान होगा। "प्रारब्ध को आगे-पीछे करने की शक्ति केवल वक्त के समर्थ संत के पास होती है। त्रिकालदर्शी संत आदि-अंत जानते हैं।" यह संदेश न केवल व्यक्तिगत जीवन के लिए, बल्कि राष्ट्रीय नीतियों के लिए भी मार्गदर्शक सिद्ध हो सकता है।
शराब-मांसाहार से आने वाली महामारियां: कोरोना की याद
बाबा ने पर्यावरण और स्वास्थ्य पर गहन चिंता जताई। "शराब और मांसाहार की वजह से आगे ऐसी-ऐसी बीमारियां आएंगी कि लोग दवा ही नहीं खोज पाएंगे। कोरोना के समय में भी मैंने पहले ही बताया था, लेकिन विश्वास न किया। बाद में सब मान लिया।" उन्होंने विस्तार से बताया कि मानव के खराब कर्मों से नाराज कुदरत कठोर सजा दे रही है - बाढ़, सूखा, महामारी।
उन्होंने उदाहरण दिया, "2021 को 2020 से भी खराब बताया था, जो सत्य हुआ। अब आगे के समय के बारे में बता रहा हूं। अभी विश्वास न करो, लेकिन हो जाएगा तो मान लेना।" सतसंग में मौजूद डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी भक्तों ने इस पर खास ध्यान दिया। एक भक्त ने बाद में बताया, "महाराज जी की बातें वैज्ञानिक भी सत्य मान रही हैं। शाकाहार ही एकमात्र उपाय है।"
2026 का भयावह चित्र: विश्व युद्ध के बादल और बचाव का उपाय
सतसंग का सबसे रोमांचक और भयावह हिस्सा था 2026 की भविष्यवाणी। बाबा ने कहा, "2026 में विश्व युद्ध के बादल मंडराएंगे। पूर्वी देशों से शुरू होकर यह पूरे विश्व में फैल सकता है। विनाशकारी आपदाएं, युद्ध और तबाही आएगी। लेकिन चिंता न करो, बचाव का सरल उपाय है - सतगुरु का नाम जपो, शाकाहार अपनाओ, नशा-व्यभिचार त्यागो।"
यह भविष्यवाणी बाबा वेंगा की समान लगी, जिन्होंने भी 2026 में तीसरे विश्व युद्ध, एलियन संपर्क और प्राकृतिक आपदाओं की भविष्यवाणी की है। बाबा वेंगा के अनुसार, पूर्वी युद्ध पश्चिमी देशों को तबाह कर सकता है, और धरती का 7-8% हिस्सा बदल जाएगा। बाबा उमाकान्त जी ने इसे कुदरत की सजा बताया, जो खराब कर्मों का फल है।












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