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Indore Lokayukta News: पेंशन के नाम पर घूस! लोकायुक्त का बड़ा ट्रैप, पति के जरिए रिश्वत लेते पकड़ी गई कर्मचारी

Indore Lokayukta News: मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तेज होती जा रही है और इसी कड़ी में शुक्रवार (20 मार्च 2026) को एक बड़ा खुलासा सामने आया। इंदौर लोकायुक्त टीम ने झाबुआ में एक सुनियोजित ट्रैप ऑपरेशन के दौरान जिला आयुष कार्यालय की सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी के पति को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। मामला पेंशन और रिटायरमेंट के फायदे दिलाने के बदले घूस मांगने से जुड़ा है।

"पैसे दो, तभी मिलेगा हक"-रिटायर कर्मचारी से मांगी गई रिश्वत

यह पूरा मामला झाबुआ जिले के आयुष कार्यालय से जुड़ा है, जहां से सेवानिवृत्त कम्पाउंडर कमल सिंह ठाकुर ने शिकायत की थी कि उनके पेंशन, ग्रेच्युटी, अर्जित अवकाश और समयमान वेतनमान के प्रकरणों को आगे बढ़ाने के बदले 12 हजार रुपये की मांग की जा रही है।

Indore Lokayukta Jhabua AYUSH office clerk husband Narendra Panwar caught taking a bribe of Rs 10000

कमल सिंह ठाकुर हाल ही में शासकीय आयुर्वेद औषधालय पेटलावद से रिटायर हुए हैं और अपने हक के पैसे के लिए भटक रहे थे।

ऐसे बिछाया जाल, 10 हजार लेते ही दबोचा

शिकायत के बाद लोकायुक्त संगठन ने योजना बनाकर ट्रैप तैयार किया।

  • तय स्थान: राजगढ़ चौराहा, झाबुआ
  • तय रकम: 10,000 रुपये (पहली किस्त)
  • आरोपी: नरेन्द्र पंवार (कर्मचारी का पति)

जैसे ही शिकायतकर्ता ने पैसे सौंपे, टीम ने मौके पर ही आरोपी को पकड़ लिया। दिलचस्प बात यह रही कि खुद कर्मचारी की जगह उसका पति रिश्वत लेने आया था।

पत्नी की जगह पति बना 'रिश्वत कलेक्टर'

जांच में सामने आया कि आयुष कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी रत्नाप्रेम पंवार ने सीधे पैसे लेने के बजाय अपने पति को आगे कर दिया था। यानी पूरा सिस्टम इस तरह सेट किया गया था कि रिश्वत भी ली जाए और सीधे पकड़ में भी न आएं-लेकिन लोकायुक्त की टीम ने यह चाल नाकाम कर दी।

इन धाराओं में मामला दर्ज

आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है:

  • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधन) 2018 की धारा 7
  • बीएनएस की धारा 61(2)

मौके से पूरी रिश्वत राशि भी जब्त कर ली गई है और आगे की जांच जारी है।

कैसे हुई कार्रवाई, कौन-कौन शामिल रहा

पूरे ऑपरेशन को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया। टीम में कई अधिकारी और पुलिसकर्मी शामिल रहे, जिन्होंने सही समय पर घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। यह ट्रैप ऑपरेशन लोकायुक्त की सक्रियता और सटीक रणनीति का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।

"जीरो टॉलरेंस" का संदेश

प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए लोकायुक्त संगठन लगातार कार्रवाई कर रहा है। हाल के दिनों में पेंशन, ग्रेच्युटी और सरकारी लाभों के नाम पर रिश्वत मांगने वाले कई कर्मचारी पकड़े जा चुके हैं।

इस कार्रवाई से साफ संदेश दिया गया है-

"सरकारी काम के लिए रिश्वत मांगना अब भारी पड़ेगा।"

आम लोगों से अपील

लोकायुक्त ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करे तो तुरंत शिकायत करें।

  • कार्यालय: मोती बंगला, एमजी रोड, इंदौर
  • फोन: 0731-2533160, 0731-2430100

यह मामला सिर्फ 10 हजार रुपये की रिश्वत का नहीं, बल्कि उस सिस्टम का आईना है जहां आम आदमी को अपने ही हक के लिए पैसे देने पड़ते हैं। लेकिन लोकायुक्त की इस कार्रवाई ने यह भरोसा जरूर जगाया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी है-और अब पकड़ भी सख्त हो रही है।

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