Bhopal News: भोपाल में वक्फ संशोधन विधेयक पर खुशी का इजहार, आतिशबाजी में मुस्लिम समाज ने जताया समर्थन
MP News: आज संसद में वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पर बहस हो रही है, और इस पर दोनों पक्षों के बीच तीखी तकरार देखने को मिल रही है। जहां बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए इस बिल का समर्थन कर रहा है, वहीं कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इसका विरोध कर रहे हैं।
यह विधेयक मुस्लिम वक्फ बोर्ड के तहत आने वाली संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार का प्रस्ताव करता है, लेकिन इसके राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव को लेकर विवाद उठ रहा है।

भोपाल में जश्न का माहौल
वहीं, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इस बिल के समर्थन में मुस्लिम समाज के कुछ वर्गों ने खुशी का इज़हार किया है। आनंदपुरा और कोकता इलाकों में बुर्का पहनी मुस्लिम महिलाएं हाथों में गुलाब के फूल और तख्तियां लिए नजर आईं। इन तख्तियों पर 'थैंक्यू मोदी जी' और 'वी सपोर्ट मोदी जी' लिखा हुआ था। इस दौरान, भोपाल के हथाई खेड़ा डैम के पास भी एक जश्न का माहौल देखा गया, जहां मुस्लिम समुदाय के लोग इस बिल के समर्थन में खुशियां मना रहे थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त कर रहे थे।
विरोध का स्वर भी उठा
हालांकि, इस बिल के खिलाफ भी विरोध की आवाजें सुनाई दे रही हैं। भोपाल के विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि यह बिल एक वर्ग विशेष को परेशान करने का प्रयास है। उनका कहना था कि इस विधेयक के तहत कलेक्टर को वक्फ संपत्ति के बारे में जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जो पहले से ही विवादों में घिरी हुई है। मसूद ने यह भी आरोप लगाया कि कलेक्टर कई कब्रिस्तानों को सरकारी संपत्ति घोषित कर रहा है, जो पूरी तरह से गलत है। उनका दावा था कि उनके पास 1959 और 1947 के दस्तावेज हैं जो यह साबित करते हैं कि यह संपत्ति वक्फ की है, लेकिन कलेक्टर इसे सरकारी संपत्ति बता रहा है।
मसूद ने कहा, "हम इस बिल को स्वीकार नहीं करेंगे, क्योंकि यह बिल सिर्फ हमारे समुदाय को टारगेट करने का तरीका है।" उन्होंने यह भी कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और अन्य मुस्लिम संगठनों ने इस बिल को पहले ही खारिज कर दिया है और वे इसके खिलाफ हैं।
बीजेपी विधायकों का समर्थन और तर्क
बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी इस बिल का समर्थन करते हुए कहा कि भोपाल में वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का दुरुपयोग हो रहा है और इसका फायदा सिर्फ कुछ नेताओं को हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के सांसद और विधायक इस संपत्ति का गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहे थे। शर्मा ने कहा, "संपत्ति का सही लेखा-जोखा किसके पास है? यह संपत्ति सही हाथों में होनी चाहिए ताकि इसका इस्तेमाल गरीबों के उत्थान के लिए किया जा सके।"
शर्मा ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उद्देश्य भारत को गरीबों से मुक्त करना है, ताकि हर नागरिक को उन्नति का अवसर मिले। "प्रधानमंत्री ने 140 करोड़ देशवासियों के बारे में सोचा है, जबकि कांग्रेस ने सिर्फ कुछ गुंडे-बदमाशों के बारे में सोचा है," उन्होंने कहा।
विधायक विश्वास सारंग का बयान
बीजेपी नेता और मंत्री विश्वास सारंग ने भी इस विधेयक का समर्थन किया और कहा कि यह बिल मुस्लिम समाज के खिलाफ नहीं है, बल्कि कुछ अमीर मुस्लिम नेताओं के बेजा कब्जे को खत्म करने के लिए है। उन्होंने कहा कि भोपाल में हजारों मुस्लिम भाई-बहनों ने इस बिल का समर्थन किया है, और यह बिल केवल कुछ नेताओं की राजनीतिक रोटी सेंकने का मामला है, जो लोगों को गुमराह कर रहे हैं। सारंग ने कहा, "भोपाल में जिस प्रकार मुस्लिम समाज ने इस बिल के समर्थन में अपनी भावनाएं प्रकट की हैं, वह अनर्गल प्रचार करने वाले नेताओं पर करारा तमाचा है। यह बिल किसी कौम के खिलाफ नहीं है, और भोपाल में मुस्लिम भाइयों-बहनों ने अपना समर्थन देकर इसे साबित कर दिया है।"
आगे की राह
वक्फ संशोधन विधेयक 2025 को लेकर यह बहस अब और भी दिलचस्प हो गई है। एक तरफ जहां बीजेपी इसे मुस्लिम समाज के कल्याण और वक्फ संपत्तियों के सही उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानती है, वहीं विपक्षी दल इसे मुस्लिम समुदाय के अधिकारों पर हमला मानते हैं। भोपाल में मुस्लिम समाज का एक बड़ा वर्ग जहां सरकार के साथ खड़ा है, वहीं दूसरे वर्ग की चिंता है कि यह विधेयक उनके अधिकारों को कमजोर कर सकता है।












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