MP News: कैबिनेट के बड़े फैसले, ग्रामीण सड़कों के लिए 4572 करोड़, भोपाल में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय
MP News: मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनमें ग्रामीण सड़कों और पुलों के सुधार, भोपाल में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय की स्थापना, और स्व-सहायता समूह की महिलाओं के लिए 'एक बगिया मां के नाम' योजना की शुरुआत शामिल है।
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने इन निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि ये कदम मध्य प्रदेश के विकास, शिक्षा, और आजीविका संवर्धन में मील का पत्थर साबित होंगे।

1. ग्रामीण सड़कों और पुलों के लिए 4572 करोड़ रुपये की मंजूरी
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के तहत प्रदेश में बने कई पुल और सड़कें समय के साथ क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन में दिक्कत हो रही है। इसे ध्यान में रखते हुए, मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (MPRRDA) के माध्यम से इन सड़कों और पुलों के सुधार का निर्णय लिया गया है।
कैबिनेट ने 1766 पुलों के निर्माण और मरम्मत के लिए 4572 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इस राशि से ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा, जिससे किसानों, व्यापारियों, और आम नागरिकों को आवागमन में सुविधा होगी। शुक्ल ने कहा, "यह परियोजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगी और PMGSY के तहत बुनियादी ढांचे को और सुदृढ़ करेगी।"
2. भोपाल में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का कैंपस
कैबिनेट ने भोपाल में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU) के कैंपस की स्थापना को मंजूरी दी है। यह कैंपस गुजरात के गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का विस्तार होगा। इसके लिए 10 एकड़ जमीन राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) के कैंपस में आवंटित की जाएगी।
डिप्टी सीएम शुक्ल ने बताया कि जब तक RRU का अपना भवन तैयार नहीं हो जाता, तब तक यह RGPV के भवन से संचालित होगा। इसके बाद यह अपने स्वतंत्र कैंपस में शिफ्ट हो जाएगा। इस परियोजना के लिए मध्य प्रदेश सरकार अगले तीन वर्षों तक प्रति वर्ष 1 करोड़ 5 लाख रुपये का अनुदान देगी।
इस विश्वविद्यालय के महत्व को रेखांकित करते हुए शुक्ल ने कहा, "RRU की स्थापना से मध्य प्रदेश के युवाओं को राष्ट्रीय सुरक्षा, साइबर सिक्योरिटी, और रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसर मिलेंगे। यह राज्य और राष्ट्र की सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी प्रगति का प्रतीक होगा।"

3. 'एक बगिया मां के नाम' योजना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक में 'एक बगिया मां के नाम' योजना की घोषणा की, जिसके तहत स्व-सहायता समूह (SHG) की 30,000 महिलाओं द्वारा 30,000 एकड़ भूमि पर 30 लाख उद्यानिकी पौधों का रोपण किया जाएगा। इस योजना पर 900 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, और इसका उद्देश्य महिलाओं को आजीविका के अवसर प्रदान करना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।
योजना की मुख्य विशेषताएं:
- फल उद्यान का विकास: इस योजना के तहत चयनित भूमि पर फलदार पौधों का रोपण किया जाएगा, जैसे आम, अमरूद, नींबू, और अन्य फल।
- सहायता और प्रशिक्षण: हितग्राही महिलाओं को पौधे, खाद, गड्ढे खोदने की सुविधा, तार-फेंसिंग, और सिंचाई के लिए जल कुंड बनाने के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। साथ ही, उद्यान विकास के लिए विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।
- अभियान का समय: यह योजना 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत 1 जुलाई 2025 से 15 सितंबर 2025 तक चलेगी।
- विभागों की सहभागिता: पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास, वन, उद्यानिकी, और अन्य विभाग इस अभियान में सहयोग करेंगे।
- मुख्यमंत्री ने कहा, "यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और हरित मध्य प्रदेश के निर्माण में भी योगदान देगी।"
सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
इन तीनों निर्णयों का मध्य प्रदेश के विकास पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा। ग्रामीण सड़कों और पुलों की मरम्मत से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा, और कनेक्टिविटी में सुधार होगा। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय की स्थापना से मध्य प्रदेश शिक्षा और रक्षा क्षेत्र में एक नया केंद्र बन सकता है, जिससे युवाओं को उच्चस्तरीय रोजगार के अवसर मिलेंगे।
'एक बगिया मां के नाम' योजना न केवल महिलाओं के लिए आजीविका के नए रास्ते खोलेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देगी। सोशल मीडिया पर इन निर्णयों की सराहना हो रही है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
कांग्रेस ने इन निर्णयों को सैद्धांतिक रूप से स्वागत किया, लेकिन सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह केवल घोषणाएं हैं। कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने कहा, "पिछली योजनाओं का क्या हुआ? जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं, और अब नई योजनाओं की घोषणा हो रही है। सरकार को पहले पुरानी योजनाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए।"












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