सरपंच से ध्वजारोहण नहीं करने वाले रोजगार सहायक पर कार्रवाई, जाति की वजह से छीना था झंडावंदन अधिकार
राजगढ़ के ब्यावरा में तरेना ग्राम पंचायत का है। यहां सरपंच मान सिंह वर्मा गणतंत्र दिवस के दिन झंडा नहीं फहरा सके। मान सिंह वर्मा ने बताया कि दलित होने के कारण रोजगार सहायक लाखन सिंह ने उन्हें झंडा वंदन नही करने दिया।
Rajgarh News: मध्य प्रदेश के राजगढ़ में 26 जनवरी के अवसर पर सरपंच से ध्वजारोहण का अधिकतर छीनने वाले रोजगार सहायक को भारी पड़ गया। अब रोजगार सहायक के ऊपर मोहन यादव तगड़ी कार्रवाई कर दी है।
दरअसल, दरगायं कला के सरपंच ने आरोप लगाया था कि अनुसूचित जाति से होने की वजह से रोजगार सहायक ने उनसे ध्वजारोहण नहीं कराया। इसे लेकर दिग्विजय सिंह ने कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद अब कार्रवाई हुई है।

पूरा मामला ब्यावरा तहसील के तरेना ग्राम पंचायत का है। सरपंच मान सिंह वर्मा ने आरोप लगाया कि उनकी जगह लाखन सिंह सौंधिया नाम के एक रोजगार सहायक ने किसी और नागरिक से ध्वजारोहण कराया है। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि मैं एक वर्मा जात से हूं। राजगढ़ कलेक्टर ने आरोपी रोजगार सहायक की सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया है।
देश 75वां गणतंत्र दिवस मना रहा है लेकिन हालात सुधरने का नाम ही नही ले रहे। मान सिंह वर्मा जी को राजगढ़ जिले की ब्यावरा तहसील की ग्राम पंचायत तरेना में सरपंच के ओहदे पर होने के बावजूद रोजगार सहायक लाखन सिंह ने झंडा वंदन नही करने दिया। @INCMP @CMMadhyaPradesh
— digvijaya singh (@digvijaya_28) January 27, 2024
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कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में लिखा है कि सरपंच को अपने अधिकार से वंचित किए जाने की शिकायत आई थी। शासन के प्रावधानों के विरुद्ध दूसरे नागरिक से झंडा वंदन कराने की वजह से रोजगार सहायक की सेवाएं समाप्त की गई हैं।
दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया X पर सरपंच का वीडियो पोस्ट कर लिखा था, मेरे सीधे सवाल हैं क्या अनुसूचित जाति का होना गुनाह है। क्या पंचायत भवन में सरपंच को ध्वजारोहण का अधिकार नही है। मेरा सीएम से अनुरोध है कि ऐसे दोषी रोजगार सहायक लाखन सिंह को तत्काल निलंबित करना चाहिए।












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