भोपाल में गो तस्करी का नया मामला: पुलिस मुख्यालय के सामने हिंदू संगठनों ने पकड़ा 25 टन गोमांस से लदा ट्रक
MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गो तस्करी का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। बुधवार रात करीब 12 बजे जहांगीराबाद पुलिस मुख्यालय (PHQ) के ठीक सामने बजरंग दल, हिंदू उत्सव समिति, संस्कृति बचाओ मंच और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने एक संदिग्ध ट्रक को घेर लिया।
तलाशी में ट्रक से करीब 25 टन मांस के पैकेट बरामद हुए, जिन्हें संगठनों ने गोमांस बताया। ट्रक ड्राइवर फैजान उर्फ नावेद को हिरासत में ले लिया गया और पुलिस को सौंप दिया गया। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने ट्रक में तोड़फोड़ की, जबकि मांस के सैंपल पशु चिकित्सालय भेज दिए गए हैं।

यह घटना राजधानी के दिल में होने से हड़कंप मच गया है। संगठनों ने इसे प्रशासन की विफलता बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। बजरंग दल के प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि यह आठवीं घटना है, जो मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यकाल में PHQ के सामने हुई है। तिवारी ने ट्रक को राज्यसात करने, तस्करी के पीछे बड़े नेटवर्क की जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तत्काल कदम नहीं उठे, तो हिंदू समाज सड़कों पर उतर आएगा।
रात के अंधेरे में खुलासा
रात के करीब 12 बजे जहांगीराबाद इलाके में एक ट्रक पुलिस मुख्यालय के सामने से गुजर रहा था। हिंदू संगठनों को गुप्त सूचना मिली थी कि ट्रक में अवैध मांस लादा गया है। बजरंग दल और अन्य कार्यकर्ताओं ने तुरंत ट्रक को रोक लिया। तलाशी लेने पर ट्रक के अंदर भारी मात्रा में मांस के पैकेट भरे मिले, जिनकी कुल मात्रा 25 टन बताई जा रही है। संगठनों का दावा है कि पैकेटों में गोमांस है, जो गौहत्या निषेध कानून का स्पष्ट उल्लंघन है।
ड्राइवर फैजान उर्फ नावेद को मौके पर ही पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने मांस के स्रोत के बारे में कुछ नहीं बताया। सूचना मिलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। गुस्साए लोगों ने 'गोहत्या बंद करो', 'तस्करों को फांसी दो' और 'प्रशासन जागो' जैसे नारे लगाए। आक्रोश में आकर कार्यकर्ताओं ने ट्रक पर पथराव किया और तोड़फोड़ की, जिससे ट्रक का शीशा टूट गया और अन्य हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए।
मौके पर पहुंची जहांगीराबाद पुलिस ने स्थिति संभाली। एसपी (सिटी) भोपाल ने बताया कि ट्रक को जब्त कर लिया गया है और ड्राइवर के खिलाफ गौहत्या निषेध अधिनियम के तहत FIR दर्ज की गई है। मांस के सैंपल फॉरेंसिक लैब और पशु चिकित्सालय भेजे गए हैं, जहां से रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। पुलिस ने भीड़ को शांत कराया और ट्रक को थाने ले गई। फिलहाल, कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन जांच जारी है।
'मुख्यमंत्री गोपालक हैं, फिर भी फेल इंटेलिजेंस'
बजरंग दल के प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने पुलिस मुख्यालय के बाहर ही प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा, "मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव जी स्वयं गोपालक हैं, यदुवंशी वंश से ताल्लुक रखते हैं। उसके बावजूद राजधानी भोपाल में, जहां सचिवालय और सभी मंत्री निवास हैं, वहां पर गो तस्करी की आठवीं घटना पकड़ी गई है। यह शर्मनाक है। इसके पीछे प्रशासन का खुफिया तंत्र फेल है। हम उनसे निवेदन करते हैं कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो, वरना हिंदू समाज को रोड पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।"
तिवारी ने मांग की कि ट्रक को राज्य सरकार जब्त कर ले और तस्करी के पीछे बड़े गिरोह की जांच SIT से कराई जाए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक ट्रक का मामला नहीं, बल्कि संगठित अपराध का नेटवर्क है, जो राजधानी को निशाना बना रहा है। बजरंग दल और हिंदू उत्सव समिति ने घोषणा की कि वे पूरे प्रदेश में जागरूकता अभियान चलाएंगे और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए चौकसी बढ़ाएंगे।
राजधानी में बढ़ रही गो तस्करी: आठवीं घटना का क्या है मतलब?
मध्य प्रदेश में गोहत्या पर सख्त कानून होने के बावजूद भोपाल में ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। संगठनों के अनुसार, यह PHQ के सामने आठवीं घटना है। पिछली घटनाओं में भी ट्रकों से मांस या जीवित गौवंश बरामद हुए थे, लेकिन दोषियों को सजा मिलना दुर्लभ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि खुफिया तंत्र की कमजोरी और सीमावर्ती इलाकों से तस्करी इसका मुख्य कारण है। प्रदेश में 2025 में अब तक 150 से ज्यादा गो तस्करी के केस दर्ज हो चुके हैं, जिनमें भोपाल का हिस्सा 10% से ज्यादा है।
पुलिस का कहना है कि वे सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों से जांच कर रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई, लेकिन स्रोतों के मुताबिक, इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर 48 घंटे में सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे धरना-प्रदर्शन शुरू कर देंगे।












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