दलित उत्पीड़न का विरोध करने के लिए कांग्रेस CM हाउस का कर रही थी घेराव, पुलिस ने वाटर कैनन का किया प्रयोग
Bhopal News: मध्य प्रदेश में दलित वर्ग के खिलाफ हो रही घटनाओं के विरोध में कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग ने बड़ा आंदोलन शुरू किया है। कांग्रेस कार्यकर्ता आज सीएम हाउस का घेराव करने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें अरेरा हिल्स पुलिस थाने के सामने रोक दिया।
पुलिस ने उन्हें वापस लौटने की हिदायत दी, लेकिन कार्यकर्ता अपनी मांगों पर अड़े रहे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का प्रयोग किया और प्रदर्शनकारियों को हटाया।

आंदोलन के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आमसभा को संबोधित करते हुए कहा, "हम सभी कांग्रेसजन और देश के नागरिकों को मिलकर, जातिगत गणना की मांग और दलित वर्ग की रक्षा की शपथ लेनी होगी। जब तक जातिगत गणना प्रदेश और देश में नहीं होती, तब तक प्रदेश का हर व्यक्ति बाबा साहब आंबेडकर का अनुयायी चैन की सांस नहीं ले सकता।"
पटवारी ने मुख्यमंत्री की भाषा पर भी टिप्पणी की, "मुख्यमंत्री की भाषा की एक सभ्यता और विश्वसनीयता होती है। अब उनकी भाषा गुंडों जैसी हो गई है, जो गली-गली में छोटे नेताओं की तरह है।"

राहुल गांधी का समर्थन
पटवारी ने कहा कि यह लड़ाई केवल छोटी-मोटी नहीं है। "राहुल गांधी ने संविधान की रक्षा की शपथ ली है, जिसमें आरक्षण की रक्षा और जातिगत गणना की बात शामिल है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जितनी हिस्सेदारी है, उतनी भागीदारी मिले।"
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने सीएम हाउस के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी थी और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों के नेता और कार्यकर्ता लगातार अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं और यह प्रदर्शन मध्य प्रदेश की राजनीतिक स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण घटना बन गया है।

आगे की दिशा
कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग की यह पहल दलित वर्ग के अधिकारों और जातिगत गणना की मांग को लेकर बढ़ते आंदोलन का हिस्सा है, और इसके प्रभाव से प्रदेश की राजनीति में हलचल मच सकती है।
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा का आरोप: दलित वर्ग के साथ हो रहा भेदभाव और अन्याय
मध्य प्रदेश कांग्रेस के आंदोलन के बीच पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने दलित वर्ग के प्रति भेदभाव और अन्याय के आरोप लगाए हैं। शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी ने जातिगत गणना की बात उठाई है, जिससे यह पता चल सके कि किस वर्ग के कितने लोग हैं और उन्हें इसका लाभ मिल सके।
पीसी शर्मा का बयान
पीसी शर्मा ने कहा, "दलित वर्ग के लोगों के साथ भेदभाव और अन्याय हो रहा है। जातिगत गणना के माध्यम से हमें यह जानने की जरूरत है कि कितने लोग किस वर्ग के हैं, ताकि उन्हें उचित लाभ मिल सके।" उन्होंने कहा कि अगर एक मानवता वाला व्यक्ति प्रधानमंत्री बनेगा, तो वे निश्चित तौर पर राहुल गांधी से बड़ा मानवता वाला व्यक्ति नहीं हो सकता। शर्मा ने भरोसा जताया कि राहुल गांधी लाल किले पर झंडा फहराएंगे।
प्रदीप अहिरवार की टिप्पणी
कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने बताया कि पूरे प्रदेश से दो हजार से ज्यादा कार्यकर्ता इस घेराव में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा, "प्रदेश में अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग पर अत्याचार हो रहा है। दिग्विजय सिंह की सरकार के समय जो जमीनें आवंटित की गई थीं, उन पर आज भी दबंगों का कब्जा है। हमारे आरक्षण को खतरा है और यह सभी मुद्दे हमारे प्रदर्शन का हिस्सा हैं।"
अहिरवार ने आरोप लगाया कि "दलितों को कपड़े उतारकर मारा जाता है, दलित बेटियों की संदिग्ध मौत हो जाती है। अशोकनगर में अनुसूचित जाति की महिला को उसके घर में घुसकर मारा गया। सागर में भाजपा 100 करोड़ की लागत से संत रविदास जी का मंदिर बना रही है, जबकि उसी वर्ग के लोगों की हत्या की जा रही है। मोहन यादव की सरकार में मध्यप्रदेश नरक प्रदेश बन चुका है। जब कांग्रेस दलितों के लिए लड़ती है और सीबीआई जांच की मांग करती है, तो भाजपा कहती है कि कांग्रेस राजनीति कर रही है।












Click it and Unblock the Notifications