मध्य प्रदेश : सीएम शिवराज सिंह चौहान का मंत्रियों से सीधा संवाद, कई अहम फैसलों पर लगी मुहर

भोपाल। करीब नौ माह बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें कई अहम फैसले लिए गए हैं। कैबिनेट की बैठक में सीएम शिवराज और मंत्रियों के बीच सीधा आज संवाद हुआ। बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 16 जनवरी से शुरू हो रहे देश के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के साथ मध्य प्रदेश में भी वैक्सीनेशन शुरू हो जाएगा। हमारी तैयारी चाक-चौबंद है. सारे परीक्षणों के बाद तैयार वैक्सीन "को-वीशील्ड" और "को वैक्सीन" को हरी झंडी दी गई है, जो सर्वश्रेष्ठ, पूर्ण रूप से सुरक्षित और रोग प्रतिरोधक क्षमता पैदा करने में सक्षम हैं। कुछ लोग भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, परंतु हमें उनकी बातों पर ध्यान नहीं देना है।

CM Shivrajs direct communication with ministers, many important decisions were taken

सूदखोरों से मुक्ति का विधेयक

बैठक में तय किया गया कि वैक्सिनेशन के तीसरे चरण में मंत्री और मुख्यमंत्री भी वैक्सीन लगवाएंगे। कैबिनेट ने 'मध्य प्रदेश ग्रामीण ऋण मुक्ति विधेयक-2020' को भी मंजूरी दी। सीएम ने कहा ये विधेयक सूदखोर-साहूकारों के चंगुल से जनता को मुक्त करेगा, जो बिना वैध लाइसेंस के मनमानी दरों पर ऋण देते और वसूलते हैं।

इसके द्वारा 15 अगस्त 2020 तक लिए गए सभी अवैध ऋण शून्य हो जाएंगे। अनुसूचित जनजाति ऋण मुक्ति विधेयक के माध्यम से अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय भाई-बहनों को इस प्रकार के अवैध ऋणों से पहले ही मुक्त कराया गया है. कैबिनेट की बैठक में मध्य प्रदेश 'ग्रामीण ऋण मुक्ति विधेयक-2020' और केंद्र के 'खाद्य उद्यम उन्नयन योजना' सहित अन्य प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

14 जनवरी को समीक्षा

मुख्यमंत्री शिवराज ने कोरोना टीकाकरण अभियान के संबंध में 14 जनवरी को दोपहर 12:00 बजे फिर से मीटिंग बुलायी है. वो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए सभी जिलों के क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप, धर्मगुरुओं, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों से चर्चा करेंगे। सभी के सहयोग से इस अभियान को प्रदेश में चलाया जाएगा।

4 लाख 16 हजार स्वास्थ्य कर्मी रजिस्टर्ड

प्रथम चरण में 4 लाख 16 हजार स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए रजिस्ट्रेशन किया गया है। इनमें सभी सरकारी स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ 85 हजार निजी स्वास्थ्य कर्मी भी शामिल हैं। इनके लिए 5 लाख डोज मिल रहे हैं। इनमें 04 लाख 80 हजार कोवीशील्ड और 20 हजार को-वैक्सीन होंगे। 25 जनवरी तक फ्रंटलाइन वर्कर्स का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। फ्रंटलाइन वर्कर में पुलिसकर्मी, सुरक्षाकर्मी, होमगार्ड, सफाई कर्मी शामिल हैं. इनकी संख्या लगभग 6 लाख होगी।

302 स्थानों से वेबकास्टिंग, दो जगह संवाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 जनवरी को पूरे देश में एक साथ वैक्सीनेशन का शुभारंभ करेंगे। मध्य प्रदेश के 302 टीकाकरण केंद्रों से कार्यक्रम की वेबकास्टिंग होगी। दो केंद्रों जे.पी. हॉस्पिटल भोपाल और एमजीएम कॉलेज इंदौर से सीधे संवाद भी हो सकेगा।

13 जनवरी को वैक्सीन मिलने की संभावना
वैक्सीनेशन के लिए मध्य प्रदेश के चार स्टोर्स भोपाल, इंदौर, ग्वालियर एवं जबलपुर को 13 जनवरी को वैक्सीन मिलने की संभावना है। ये वैक्सीन प्लेन से लाए जाएंगे। इसके बाद 24 घंटे के अंदर प्रदेश के सभी जिलों में वैक्सीन पहुंचा दिया जाएगा. एमपी में 4.2 करोड़ खुराक वैक्सीन स्टोर करने की क्षमता है।

28 हज़ार 365 वैक्सीनेटर

प्रदेश में टीकाकरण के लिए 28 हज़ार 365 वैक्सीनेटर बनाए गए हैं। इनके बारे में स्टाफ को ट्रेनिंग दी गयी है। प्रदेश में 1149 केंद्रों पर टीकाकरण होगा। टीकाकरण दल के अलावा हर केंद्र पर एक डॉक्टर भी तैनात रहेगा। प्रदेश के 42 जिलों में टीकाकरण का काम 5 दिन में और बाकी जिलों में 4 दिन में पूरा कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा मध्य प्रदेश ग्रामीण ऋण मुक्ति विधेयक-2020 में वैध लाइसेंस धारी साहूकार सरकार की ओर से तय दर पर ऋण दे सकेंगे। वे नियमानुसार ऋण देकर उसकी वसूली कर सकेंगे। साथ ही ऐसे किसान जो मजदूरों को अग्रिम/ऋण देते हैं, उन पर भी कोई बंधन नहीं रहेगा।

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