छतरपुर में आज गूंजेगा ‘संकल्प’ का स्वर: दामोदर यादव मंडल की विशाल सभा को मिली अनुमति, हजारों समर्थक जुटेंगे
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में कल यानी रविवार को होने वाली "संकल्प यात्रा" के अंतर्गत प्रस्तावित विशाल आमसभा को आखिरकार प्रशासन की ओर से अनुमति मिल गई है। लंबे इंतजार के बाद मिली इस अनुमति ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों में जबरदस्त उत्साह भर दिया है।
यह आमसभा अब जिले की राजनीति और सामाजिक माहौल में एक महत्वपूर्ण घटना बन चुकी है, खासकर इसलिए क्योंकि इसका मुख्य वक्ता दामोदर यादव मंडल हैं, जो आजाद समाज पार्टी (भीम आर्मी) के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य और दलित प्रचंड समाज संगठन (DPSS) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

दामोदर यादव मंडल पिछले कुछ समय से प्रदेश में अपने मुखर बयानों और अभियानों के कारण सुर्खियों में बने हुए हैं। वे आडंबर, पाखंड, अंधविश्वास और जातिवाद के खिलाफ लगातार खुलकर बोलते आए हैं। छतरपुर उनका दौरा इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि यह जिला बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का गृह जिला है। ऐसे में मंडल के संदेश को वैचारिक टकराव के रूप में भी देखा जा रहा है।
सभा में क्या होगा संदेश?
सूत्रों के अनुसार, इस विशाल आमसभा में दामोदर यादव मंडल सामाजिक न्याय, समानता, संविधानिक अधिकारों और वंचित वर्गों के उत्थान पर बड़ा संदेश देंगे। वे दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समाज के मुद्दों को उठाएंगे और समाज में व्याप्त रूढ़ियों व असमानता के खिलाफ संकल्प लेने की अपील करेंगे। सभा को "सामाजिक जागरण और संकल्प" का मंच बताया जा रहा है, जहां हजारों लोग जुटने की संभावना है। जिले के विभिन्न ब्लॉकों और गांवों से बसों और निजी वाहनों के जरिए कार्यकर्ता और आमजन पहुंच रहे हैं।
अनुमति मिलने से उत्साह
प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर तैयारी तेज हो गई है। भीम आर्मी और दलित-पिछड़ा समाज संगठन के कार्यकर्ता पोस्टर, बैनर और सोशल मीडिया के जरिए सभा का प्रचार कर रहे हैं। सभा का स्थान और समय जल्द ही अंतिम रूप से घोषित किया जाएगा। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह सभा केवल एक रैली नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का संकल्प है।
सियासी मायने
छतरपुर में यह सभा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जिला बुंदेलखंड क्षेत्र का हिस्सा है, जहां दलित और पिछड़े वोट निर्णायक भूमिका निभाते हैं। मंडल की मौजूदगी को भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी की क्षेत्रीय सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा आगामी पंचायत चुनावों और 2028 के विधानसभा चुनावों में दलित-पिछड़े वोटों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। वहीं, कुछ धार्मिक और सवर्ण संगठनों में इसे "वैचारिक चुनौती" के रूप में देखा जा रहा है।
प्रशासन की तैयारियां
प्रशासन ने सभा के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। ट्रैफिक और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जा रहा है। सभा शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न हो, यही सभी की अपेक्षा है। अब सबकी निगाहें कल की इस आमसभा पर टिकी हैं। दामोदर यादव मंडल का संदेश कितना प्रभावी होता है और क्या वह छतरपुर की राजनीति में नई हलचल पैदा करता है-यह देखना बाकी है। संकल्प यात्रा का यह चरण निश्चित रूप से दूर तक गूंजेगा।












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