MP News: जानिए भिंड में BJP विधायक कलेक्टर पर क्यों बरसे, घर में घुसकर मारने की धमकी, गाली-गलौज का वायरल VIDEO
26 अगस्त 2025 को भिंड जिले में खाद की कमी को लेकर किसानों का गुस्सा उबाल पर था। इस मुद्दे को लेकर BJP विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह किसानों के साथ कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के सरकारी बंगले पर धरना देने पहुंचे।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, धरने के दौरान माहौल तब गरमा गया जब विधायक ने कलेक्टर पर हाथ उठाने की कोशिश की। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि नरेंद्र सिंह कुशवाह गुस्से में लाल होकर कलेक्टर के बंगले में घुस गए और चिल्लाते हुए कहा, "तू चोर है, तुझे नहीं छोड़ेंगे!"

कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव भी पीछे नहीं हटे और उसी अंदाज में जवाब दिया, जिससे दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। वीडियो में विधायक को कलेक्टर को मारने की धमकी देते और गाली-गलौज करते देखा जा सकता है। कलेक्टर की सुरक्षा में तैनात गार्ड्स ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला, लेकिन इस घटना ने पूरे मध्य प्रदेश में सियासी भूचाल ला दिया।
इस घटना की पृष्ठभूमि में भिंड जिले में खाद की कमी का मुद्दा है। किसानों का आरोप है कि खरीफ सीजन के दौरान DAP (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) और यूरिया की भारी कमी है, जिससे उनकी फसलें प्रभावित हो रही हैं। नरेंद्र सिंह कुशवाह ने दावा किया कि कलेक्टर इस मामले में लापरवाही बरत रहे हैं और खाद की कालाबाजारी को रोकने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने कहा, "किसान भूखे मर रहे हैं, और कलेक्टर बैठकर तमाशा देख रहे हैं। हम चुप नहीं रहेंगे।"
दूसरी ओर, कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जिले में खाद की आपूर्ति पर्याप्त है और वे किसानों की समस्याओं का समाधान करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने विधायक के व्यवहार को "गुंडागर्दी" करार दिया और कहा, "मैं अपने कर्तव्यों का पालन कर रहा हूं। कोई भी मुझे धमकाकर नहीं डरा सकता।"
वायरल वीडियो: सियासी तूफान का कारण
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें विधायक और कलेक्टर के बीच गाली-गलौज और तीखी बहस साफ दिख रही है। वीडियो में नरेंद्र सिंह कुशवाह कलेक्टर को "चोर" और "निकम्मा" कहते हुए धमकी देते नजर आ रहे हैं। कलेक्टर भी जवाब में कहते हैं, "आप विधायक हैं, इसका मतलब यह नहीं कि आप कुछ भी कर सकते हैं।" इस वीडियो ने न केवल प्रशासन और सत्ताधारी पार्टी के बीच टकराव को उजागर किया, बल्कि यह सवाल भी उठाया कि क्या जनप्रतिनिधि और अधिकारी इस तरह की भाषा और व्यवहार का इस्तेमाल कर सकते हैं।
सियासी प्रतिक्रियाएं: BJP और कांग्रेस आमने-सामने
इस घटना ने मध्य प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। कांग्रेस ने इसे BJP की "गुंडागर्दी" का सबूत बताते हुए तीखा हमला बोला। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, "BJP के विधायक कलेक्टर पर हाथ उठा रहे हैं, घर में घुसकर मारने की धमकी दे रहे हैं। यह शिवराज और मोहन यादव की सरकार का असली चेहरा है।"
BJP ने जवाब में इस घटना को व्यक्तिगत रंजिश का मामला बताया और कहा कि नरेंद्र सिंह कुशवाह का गुस्सा किसानों की समस्या को लेकर था। BJP प्रवक्ता रमेश ठाकुर ने कहा, "हमारे विधायक किसानों के हक के लिए लड़ रहे हैं। अगर कलेक्टर ने लापरवाही बरती, तो जवाब देना होगा।" X पर @BJP4MP ने ट्वीट किया, "भिंड में किसानों की आवाज उठाने के लिए नरेंद्र सिंह कुशवाह को सलाम। कलेक्टर जवाबदेही से नहीं बच सकते। #FarmersFirst"
कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई
इस घटना के बाद कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने पुलिस में शिकायत दर्ज की है, जिसमें विधायक पर धमकी देने और सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और IPC की धारा 353 (लोक सेवक को कर्तव्य पालन से रोकने के लिए आपराधिक बल) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, और सूत्रों के अनुसार, विधायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है।
हालांकि, नरेंद्र सिंह कुशवाह ने भी कलेक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज की है, जिसमें उन्होंने कलेक्टर पर खाद की कालाबाजारी में संलिप्तता का आरोप लगाया
सामाजिक प्रतिक्रियाएं: जनता का गुस्सा
भिंड के स्थानीय निवासियों और किसानों में इस घटना को लेकर गुस्सा है। किसान नेता रमेश यादव ने कहा, "खाद की कमी ने हमें बर्बाद कर दिया है। विधायक हमारे लिए लड़ रहे हैं, लेकिन कलेक्टर का रवैया ठीक नहीं।" दूसरी ओर, कुछ नागरिकों ने विधायक के व्यवहार की निंदा की। शिक्षक सुनीता शर्मा ने कहा, "विधायक का कलेक्टर को धमकाना और गाली देना शर्मनाक है। यह लोकतंत्र नहीं, गुंडागर्दी है।"
खाद संकट की हकीकत
मध्य प्रदेश में खाद की कमी एक गंभीर मुद्दा है। 2025 के खरीफ सीजन में DAP और यूरिया की कमी ने किसानों को परेशान किया है। भिंड, मुरैना, और ग्वालियर जैसे जिलों में कालाबाजारी की शिकायतें सामने आई हैं। कृषि विभाग के अनुसार, प्रदेश में DAP का स्टॉक पर्याप्त है, लेकिन वितरण में अनियमितताएं सामने आई हैं। विपक्षी कांग्रेस ने इसे सरकार की नाकामी बताया है, जबकि BJP ने दावा किया कि वे जल्द ही इस समस्या का समाधान करेंगे।
आगे की राह
इस घटना ने मध्य प्रदेश में प्रशासन और सत्ताधारी पार्टी के बीच टकराव को उजागर किया है। नरेंद्र सिंह कुशवाह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और कलेक्टर की शिकायत इस मामले को और जटिल बना रही है। सवाल यह है कि क्या यह टकराव खाद संकट का समाधान कर पाएगा, या यह सियासी ड्रामे में बदल जाएगा?
राजनीतिक विश्लेषक प्रो. अजय मिश्रा ने कहा, "यह घटना BJP के लिए शर्मिंदगी का कारण बन सकती है। विधायक का व्यवहार जनता में गलत संदेश देता है।" दूसरी ओर, यह भी जरूरी है कि कलेक्टर खाद संकट को गंभीरता से लें।












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