MP News: पाकिस्तान में गुरूनानक देव का जन्म स्थान छोड़ना तत्कालीन सरकार की बड़ी गलती- CM मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में गुरु नानक देव जी के 555वें पावन प्रकाश पर्व का समापन किया।
इस अवसर पर सिख समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को सम्मान स्वरूप स्वर्ण तलवार भेंट की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं और उनके योगदान पर प्रकाश डाला।

गुरू नानक देव जी के योगदान पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, "गुरू नानक देव ने समाज में समानता, भाईचारे और प्रेम का जो संदेश दिया, वह आज भी प्रासंगिक है। उनके विचारों ने न केवल भारतीय समाज को प्रभावित किया बल्कि 200 से अधिक देशों में उनके अनुयायी हैं, जो उनके संदेशों को फैलाने का कार्य कर रहे हैं। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज में सच्चाई, समानता और समरसता का पालन करने की प्रेरणा देती हैं।"
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "आजादी के बाद गुरू नानक देव जी का जन्म स्थान पाकिस्तान में स्थित था, जिसे उस समय की सरकार ने छोड़ दिया था, यह एक बड़ी गलती थी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने पाकिस्तान स्थित करतारपुर गुरूद्वारा कॉरीडोर खोलकर सिख समाज के लिए ऐतिहासिक कार्य किया है, जिससे लाखों सिख श्रद्धालु अपनी श्रद्धा व्यक्त करने के लिए इस पवित्र स्थान तक पहुंच सकते हैं।"

सिख समाज के लिए सरकार की योजनाएं
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि मध्यप्रदेश सरकार सिख समाज के लिए शिक्षा, आश्रमों और सेवा प्रकल्पों में सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा, "हम सिख समाज के उत्थान के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेंगे, ताकि उनकी शिक्षा, संस्कृति और सेवा कार्यों में मदद मिल सके।"

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने क्या कहा?
कार्यक्रम में मौजूद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने गुरू नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा, "आज मुख्यमंत्री निवास में गुरू ग्रंथ साहिब के आगमन से पहले यह स्थान पवित्र था, अब यह और भी पवित्र हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिख समाज के लिए जो कार्य किए हैं, वे ऐतिहासिक हैं। उन्होंने करतारपुर साहिब कॉरीडोर खोलकर सिख समाज के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उनका यह कार्य सदैव याद रखा जाएगा।"
वह आगे बोले, "गुरू नानक देव जी की शिक्षा, त्याग और बलिदान के बारे में हमें हमेशा याद रखना चाहिए। उनके जीवन से हमें सेवा, समर्पण और बलिदान की प्रेरणा मिलती है, जो हमें अपने समाज और देश के लिए कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।"
सिख समाज को मिले सम्मान के प्रतीक रूप में स्वर्ण जड़ित तलवार की भेंट:
इस कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और विष्णुदत्त शर्मा को सिख समाज की ओर से स्वर्ण जड़ित तलवार भेंट की गई। यह भेंट सिख समाज के प्रति सम्मान और आभार का प्रतीक थी।
सिख धर्म के संदेशों का पालन कर समाज को एकजुट करने की बात:
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सिख धर्म के संस्थापक गुरू नानक देव जी के विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा, "गुरू नानक देव जी का संदेश था कि हम सभी को एक-दूसरे के साथ भाईचारे और समानता का व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने समाज की कुरीतियों और अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाई। उनका संदेश हमें यह सिखाता है कि हम सभी एक ही परमात्मा के भक्त हैं, और हमें आपसी भेदभाव और असमानता को खत्म करना चाहिए।"
उन्होंने यह भी कहा कि सिख समाज के बलिदान और संघर्ष को कभी नहीं भुलाया जा सकता। सिख समाज ने सनातन संस्कृति और भारतीय समाज के लिए हमेशा अपने प्राणों की आहुति दी है। उनके योगदान को देश हमेशा याद रखेगा।
समाज में सद्भाव और समरसता का मार्गदर्शन
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अंत में कहा, "गुरू नानक देव जी की शिक्षा ने समाज में सद्भाव और समरसता का मार्ग प्रशस्त किया। उनका संदेश हमें यह सिखाता है कि हम सबको एक साथ मिलकर, बिना किसी भेदभाव के, समाज के उत्थान के लिए काम करना चाहिए। उनका यह संदेश सदियों तक हमारे मार्गदर्शन के रूप में रहेगा।"












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