MP Latest News: मध्य प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि, प्रसव के लिए एमपी के सरकारी अस्पताल देश में सबसे बेहतर

मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से प्रसव कक्ष गुणवत्ता बेहतरी के लिए शुरू किए गए लक्ष्य अभियान में पहला स्थान प्राप्त हुआ है।

प्रसव के लिए एमपी के सरकारी अस्पताल देश में सबसे बेहतर

Big achievement for Madhya Pradesh: स्वास्थ्य क्षेत्र में मध्य प्रदेश सरकार ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है बता दें कि प्रसूताओं को बेहतर उपचार देने के मामले में मध्यप्रदेश देश में अव्वल आया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से प्रसव कक्ष गुणवत्ता बेहतरी के लिए शुरू किए गए लक्ष्य अभियान में मध्यप्रदेश को देश में पहला स्थान प्राप्त हुआ है। केंद्रीय निरीक्षण के आधार पर जारी वरीयता सूची में गुजरात दूसरे और महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर रहा। लक्ष्मी योजना के तहत प्रदेश के 111 सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणीकरण मिला है। इसी आधार इन संस्थाओं को पर एक से ₹5 लाख तक वार्षिक अनुदान प्राप्त होगा, जिसे ऑपरेशन थिएटर और प्रसव कक्षों की बेहतरी के लिए खर्च किया जाएगा।

111 संस्थाओं में ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्था जांची

111 संस्थाओं में ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्था जांची

बताया जा रहा है कि सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण मातृत्व देखभाल को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के अस्पतालों में व्यवस्थाओं की जांच की गई है। एनएचएम के शिशु एवं मातृ स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कायाकल्प अभियान में बेहतर प्रदर्शन करने वाले अस्पतालों को लक्ष्य के लिए जांचा गया था। केंद्रीय दल ने लक्ष्य योजना के तहत प्रदेश के 111 संस्थाओं में ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्था जांची, जोकि अच्छी पाई गई।

633 बिंदुओं पर की गई जांच

633 बिंदुओं पर की गई जांच

लक्ष्य के तहत ओटी (ऑपरेशन थिएटर) एवं प्रसव कक्ष का आंतरिक मूल्यांकन होता है। प्रसूता ओं के लिए मोहिया अन्य सुविधाओं को जांचा जाता है। इसमें लेबर रूम की 333 बिंदु एवं ओटी की व्यवस्थाओं को 300 बिंदु पर परखा जाता है। प्रत्येक बिंदु पर 2 अंक प्राप्त होते हैं। जांच के लिए देश भर से 2 लोगों के दल में लक्ष्य की टीम आकर जांच करती है। इसके बाद अस्पतालों की रैंकिंग जारी की जाती है।

अस्पतालों को ₹5 का मिलेगा अनुदान

अस्पतालों को ₹5 का मिलेगा अनुदान

लक्ष्य योजना के तहत 70% से अधिक अंकों के साथ प्रमाणीकरण प्राप्त करने वाले सरकारी अस्पतालों को तीन श्रेणी में पुरस्कार राशि बतौर अनुदान दिया जाता है। इसमें 90% से अधिक अंक पर पांच ₹5 लाख राशि का प्रावधान है 80% से अधिक और 90 से कम होने पर ₹3 लाख वहीं 70 से 80% तक वालों को ₹1 लाख तक का अनुदान दिया जाता है। यह राशि अस्पताल रोटी एवं लेबर रूम की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में खर्च कर सकते हैं।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की प्रबंधक निदेशक प्रियंका दास ने दी जानकारी

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की प्रबंधक निदेशक प्रियंका दास ने दी जानकारी

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की प्रबंधक निदेशक प्रियंका दास ने बताया कि लक्ष्य के मामले में मध्यप्रदेश में बेहतर काम किया है प्रदेश में वोट और लेबर में बेहतर व्यवस्थाएं हैं इसके साथ नर्सिंग स्टाफ से लेकर डॉक्टरों को विशेष तौर पर प्रशिक्षित किया जाता है जिससे हम मातृ शिशु मृत्यु दर पर अंकुश लगा सके।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर सजग और चिंतित रहते हैं। इसी वजह से लगातार मध्य प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में लगातार विस्तार कर रहा है।

 स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर करने में लगी सरकार: मंत्री सारंग

स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर करने में लगी सरकार: मंत्री सारंग

मध्य प्रदेश को मिली इस उपलब्धि के लिए चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने प्रदेश के समस्त चिकित्सा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी हैं। उन्होंने कहा है कि सीएम शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में लगातार भाजपा की सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर करने में लगी हुई है। हम लगातार प्रदेश के सरकारी हॉस्पिटलों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ रहे हैं। भोपाल के कई सरकारी अस्पतालों को हमने प्राइवेट अस्पतालों से भी बेहतर बना दिया है। हमीदिया अस्पताल इसका उदाहरण है।

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