IAS Ashish Singh DM Bhopal: कभी KBC में जीते साढ़े ₹12 लाख, कभी 6 माह में 13 लाख टन कचरा उठवाकर चमकाया इंदौर
एमपी के सामान्य प्रशासन विभाग ने 2 दिन में ही भोपाल कलेक्टर का आदेश पलट दिया। आशीष सिंह को भोपाल का कलेक्टर बनाया गया। जबकि IAS कौशलेंद्र विक्रम सिंह को एमपीआरडीसी के प्रबंधक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

Bhopal Collector Ashish Singh: मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले प्रशासनिक व्यवस्था में फेरबदल जा रही है। इसी क्रम में राजधानी भोपाल में 2010 बैच के आईएएस अफसर आशीष सिंह को जिले की कमान सौंपी गई है। उज्जैन में कलेक्टर के तौर पर किए गए उनके कामों की प्रशंसा की जाती है।
KBC में जीते साढ़े 12 लाख
भोपाल के नए कलेक्टर आशीष सिंह 'कौन बनेगा करोड़पति' की हॉट सीट पर अभिनेता अमिताभ बच्चन के सामने भी बैठ चुके हैं। आशीष सिंह ने केबीसी के कर्मवीर एपिसोड में हॉट सीट पर बैठकर साढ़े 12 लाख रुपए जीते थे। इसके अलावा इंदौर शहर में सफाई को लेकर भी उनके कार्य की प्रशंसा की जाती है।
इनके कार्यकाल में इंदौर ने स्वच्छता में नंबर वन की लगाई हैट्रिक
आईएएस आशीष सिंह ने गुरुवार को भोपाल में कलेक्टर का चार्ज ले लिया तत्कालीन कलेक्टर अविनाश लवानिया ने उन्हें भोपाल कलेक्टर का चार्ज सौंपा इसके बाद सिंह ने कामकाज संभाला। वहीं अविनाश लवानिया ने एमपीआरडीसी ऑफिस अरेरा हिल्स पहुंचकर एमडी का चार्ज संभाल लिया है। आशीष सिंह जब इंदौर में नगर निगम के कमिश्नर थे। तब इंदौर शहर ने तीन बार स्वच्छता में नंबर वन की हैट्रिक लगाई। इसलिए यह माना जा रहा है कि भोपाल में भी स्वच्छता को लेकर आशीष सिंह एक बढ़िया रोड मैप तैयार करेंगे।

जानिए IAS आशीष सिंह की खास बातें
आशीष सिंह मध्य प्रदेश कैडर के 2010 बैच के आईएएस अधिकारी है। उन्होंने कानपुर की सीएसजेएम यूनिवर्सिटी से b.a. किया है। उन्हें मध्य प्रदेश में सबसे पहली पोस्टिंग कटनी में अपर कलेक्टर के रूप में मिली थी। इसके बाद 2016 में उन्हें मध्य प्रदेश के इंदौर में जिला पंचायत का सीईओ नियुक्त किया गया। आशीष सिंह मूलतः उत्तर प्रदेश के हरदोई के रहने वाले है। आशीष सिंह ने इंदौर में नगर निगम का आयुक्त रहते हुए महज 6 महीने में शहर से 13 लाख टन कचरा साफ कराया था।
लोकायुक्त के नोटिस से भी रहे चर्चाओं में
भोपाल के नए कलेक्टर आशीष सिंह उस समय चर्चा में आ गए थे, जब लोकायुक्त ने तीन आईएएस ऑफिसर सहित 15 लोगों को तलब किया था। उस में आशीष सिंह भी नाम था। दरअसल उज्जैन में कांग्रेस विधायक महेश परमार ने महाकाल लोक के निर्माण में भ्रष्टाचार की शिकायत लोकायुक्त ने की थी। हालांकि इस मामले में जांच शुरू हुई थी और कई अफसरों से जवाब भी लिए जा चुके हैं।
33 महीने तक संभाली उज्जैन की कमान
उज्जैन कलेक्टर के तौर पर आशीष सिंह ने 33 महीने तक जिले की कमान संभाली। कोविड-19 के शुरुआती दौर में देश की सर्वाधिक मृत्यु दर की चुनौती के साथ उज्जैन में शुरू हुआ आशीष सिंह का सफर काफी चुनौतीभरा रहा। उसी समय महाकाल परिसर का प्रोजेक्ट का 78 करोड़ का काम बस शुरू ही हुआ था। आशीष सिंह ने प्रोजेक्ट की संभावना को पहचान कर जुलाई 2020 में कार्य को नई तरीके से रीडिजाइन किया। इस तरह से सिंह ने स्मार्ट सिटी के शेष बचे हुए फंड का उपयोग महाकाल लोक के निर्माण पर किया। जिसके लिए सीएम शिवराज उनकी तारीफ कर चुके है।
लोकायुक्त के नोटिस से भी रहे चर्चाओं में
भोपाल के नए कलेक्टर आशीष सिंह उस समय चर्चा में आ गए थे, जब लोकायुक्त ने तीन आईएएस ऑफिसर सहित 15 लोगों को तलब किया था। उसमें आशीष सिंह का नाम भी शामिल था। उज्जैन में कांग्रेस विधायक महेश परमार ने महाकाल लोक के निर्माण में भ्रष्टाचार की शिकायत लोकायुक्त ने की थी। हालांकि इस मामले में जांच शुरू हुई थी और कई अफसरों से जवाब भी लिए जा चुके हैं।
अवैध कॉलोनी पर करेंगे कार्रवाई
भोपाल के नए कलेक्टर आशीष सिंह ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद कहा कि भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी है, ऐसे में चुनौती ज्यादा रहेगी। लेकिन कर्मचारी और अधिकारियों के सहयोग से कार्य निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि शहर से लगे इलाकों में हो रही अवैध प्लाटिंग पर शिकंजा कसा जाएगा और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।












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