Bhopal News: भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने राजस्व निरीक्षकों और पटवारियों पर उठाए सवाल
Bhopal News: भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने कहा है कि शहर में कई राजस्व निरीक्षक (RI) और पटवारी एक ही हल्के में 8 से 15 साल से जमे हुए हैं, जिससे कार्यालय की छवि खराब हो रही है।
उन्होंने इस मुद्दे को प्रभारी मंत्री चैतन्य कश्यप के सामने उठाया और कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को इस संदर्भ में एक लिस्ट भी सौंपी है। इस बयान के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

संरक्षण का आरोप
सांसद शर्मा ने आरोप लगाया कि कई राजस्व निरीक्षक और पटवारी वल्लभ भवन के उच्च अधिकारियों के संरक्षण में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि इस वजह से इन अधिकारियों की शिकायतें भी मिल रही हैं, जो कि जनप्रतिनिधियों तक पहुंच चुकी हैं। सांसद ने यह भी बताया कि इन अधिकारियों को हटाने के लिए एक सूची तैयार की गई है।
नियमों की अनदेखी
भोपाल में लगभग 190 पटवारी और 35 राजस्व निरीक्षक हैं। नियमानुसार, पटवारी का हल्का हर तीन साल में बदल दिया जाना चाहिए, लेकिन भोपाल में कई पटवारी तो 8 साल या उससे अधिक समय से एक ही हल्के में कार्यरत हैं।
जनप्रतिनिधियों की चिंता
यह स्थिति इस बात का संकेत है कि कार्यालय में कुछ अधिकारी अपनी स्थिति का दुरुपयोग कर रहे हैं। सांसद शर्मा का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को भी इन अधिकारियों की शिकायतें मिली हैं, जिसके चलते उन्हें यह मुद्दा उठाना पड़ा।
8-9 सालों से एक ही जगह पर पदस्थ है, यह राजस्व निरीक्षक
- अरविंद दुबे - कोटरा सुल्तानाबाद (मई 2015 से)
- अजय सरावगी - (जनवरी 2015 से)
- भवानी सिंह दायमा
- जगदीश पटेल
- मायाराम यादव
- योगेश कुमार
- राधेश्याम बघेल
- संतोष भार्गव
यह मामला न केवल प्रशासनिक सुधार की आवश्यकता को उजागर करता है, बल्कि राजस्व विभाग में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की कमी पर भी सवाल उठाता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मुद्दे पर क्या कार्रवाई करता है और क्या सांसद शर्मा द्वारा दी गई सूची के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल सांसद आलोक शर्मा का अवैध कॉलोनी और ट्रैफिक पर ध्यान
भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने अवैध कॉलोनियों और शहर के ट्रैफिक की समस्या को गंभीरता से उठाया है। उन्होंने बताया कि वह जल्द ही इस संबंध में एक बड़ी बैठक आयोजित करेंगे।
अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई का आश्वासन
सांसद शर्मा ने कहा कि जिन लोगों ने अवैध कॉलोनियां काटी हैं और जो जनता को मूलभूत सुविधाएँ प्रदान नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से उन कॉलोनाइज़रों का उल्लेख किया जो अपने ड्राइवर और प्यून के नाम पर जमीन खरीद लेते हैं ताकि वे कानूनी कार्रवाई से बच सकें। इस तरह की गतिविधियों की जांच की जाएगी ताकि दोषियों को सजा मिल सके।
ट्रैफिक समस्या का समाधान
सांसद ने यह भी कहा कि भोपाल में ट्रैफिक की स्थिति चिंताजनक है और इसे सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।












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