Bhopal News: आबकारी विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई, चूनाभट्टी, सतधारा, और रायसेन रोड पर छापेमारी, 7 प्रकरण दर्ज
राजधानी भोपाल के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध मदिरा निर्माण और अवैध मदिरापान के विरुद्ध आबकारी विभाग ने अल सुबह से देर रात तक जबरदस्त कार्रवाई की। चूनाभट्टी, सतधारा, अर्जुन नगर, रायसेन रोड, कोकता बायपास और बरखेड़ा बोंदर जैसे संवेदनशील इलाकों में आबकारी की टीमों ने छापेमारी कर कई अवैध शराब निर्माण अड्डों का पर्दाफाश किया। साथ ही होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट्स पर भी तलाशी अभियान चलाया गया।
यह कार्रवाई भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देशन, सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ के मार्गदर्शन और नियंत्रण कक्ष प्रभारी आरजी भदौरिया के नेतृत्व में की गई।

अल सुबह शुरू हुआ ऑपरेशन, देर रात तक चला अभियान
आबकारी विभाग की टीमें 23 मई 2025 की अल सुबह से ही सक्रिय हो गईं। चूनाभट्टी, सतधारा, और अर्जुन नगर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में अवैध शराब निर्माण की गुप्त सूचनाओं के आधार पर छापेमारी शुरू की गई। इसके बाद, रायसेन रोड, कोकता बायपास, और बरखेड़ा बोंदर जैसे बाहरी क्षेत्रों में होटल, ढाबों, और रेस्टोरेंट्स पर तलाशी अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई में कई घरों, झुग्गियों, और निर्माण स्थलों को अवैध शराब निर्माण के केंद्र के रूप में चिह्नित किया गया।
bhopal Excise department: मुख्य जब्तियां
सतधारा: रजनी सिसोदिया के घर से एक चालू भट्टी, 2 लीटर कच्ची शराब, और 70 किलो महुआ लहान जब्त किया गया। यह स्थल लंबे समय से अवैध शराब निर्माण का अड्डा बना हुआ था।
अर्जुन नगर: ममता बंजारा के घर से 3 लीटर हाथ भट्टी की शराब और 80 किलो महुआ लहान पकड़ा गया। स्थानीय लोगों की शिकायतों के आधार पर इस स्थान पर कार्रवाई की गई।
रायसेन रोड, कोकता बायपास, और बरखेड़ा बोंदर: इन क्षेत्रों में कई होटल और ढाबों पर अवैध रूप से शराब परोसने की शिकायतें मिली थीं। आबकारी विभाग ने इन स्थानों पर तलाशी ली, जहां बिना लाइसेंस के शराब परोसने और अनधिकृत भंडारण के सबूत मिले।
bhopal Excise department: प्रकरण और कानूनी कार्रवाई
- धारा 34(1): अवैध शराब का निर्माण और बिक्री।
- धारा 49: गैरकानूनी मदिरा भंडारण।
- धारा 36: बिना अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) के शराब बेचना या परोसना।

इन प्रकरणों में अवैध शराब बनाने वालों के साथ-साथ उन होटल, ढाबा, और रेस्टोरेंट संचालकों को भी आरोपी बनाया गया, जो बिना उचित अनुमति के शराब परोस रहे थे। जब्त की गई सामग्री में कच्ची शराब, महुआ लहान, और शराब बनाने के उपकरण शामिल हैं। दोषियों के खिलाफ जुर्माना, जब्ती, और अन्य दंडात्मक कार्रवाइयों की प्रक्रिया शुरू की गई है। कुछ मामलों में प्रकरणों को सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत करने की तैयारी भी चल रही है।
प्रशासन का नेतृत्व और रणनीति
भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने इस कार्रवाई को अवैध शराब के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा, "अवैध शराब का कारोबार न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह समाज और स्वास्थ्य के लिए भी खतरा है। हमारी टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं, और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाइयां तेज की जाएंगी।"
सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ ने इस अभियान को एक शुरुआत करार देते हुए कहा, "जो भी कानून तोड़ेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। अवैध शराब निर्माण और परोसने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" नियंत्रण कक्ष प्रभारी आरजी भदौरिया ने बताया कि इस अभियान में आबकारी विभाग की तीन टीमें सक्रिय थीं, और पुलिस व नगर निगम के कर्मचारियों का भी सहयोग लिया गया। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भविष्य में शिकायतों वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी दल तैनात किए जाएंगे।












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