भोपाल में कांग्रेस SC विभाग के जिला अध्यक्षों के इंटरव्यू पूरे, 250+ दावेदारों में मंथन; जल्द जारी होगी नियुक्
मध्य प्रदेश में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में कांग्रेस ने बड़ा कदम उठाया है। कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्यक्षों के चयन के लिए राजधानी भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में 20 और 21 फरवरी को दो दिवसीय साक्षात्कार प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
इस चयन प्रक्रिया में प्रदेश भर से लगभग 250 से अधिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और जिला स्तर पर जिम्मेदारी संभालने के लिए अपना दावा पेश किया।

पार्टी नेतृत्व का मानना है कि नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति से अनुसूचित जाति समाज के मुद्दों को अधिक प्रभावी ढंग से उठाने और संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने में मदद मिलेगी।
चयन प्रक्रिया में वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी
साक्षात्कार प्रक्रिया में प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व और विभागीय पदाधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के मार्गदर्शन में पूरी प्रक्रिया संचालित की गई।
साथ ही उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक और एससी विभाग के प्रदेश प्रभारी भगवती प्रसाद चौधरी, विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार तथा अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी इंटरव्यू पैनल में मौजूद रहे। पैनल ने उम्मीदवारों से संगठनात्मक अनुभव, सामाजिक सरोकार, दलित समाज के बीच काम, जनसंपर्क क्षमता और पार्टी के प्रति प्रतिबद्धता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
चर्चा के बाद जारी होगी सूची
अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने बताया कि साक्षात्कार प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब सभी आवेदनों तथा अभ्यर्थियों के प्रदर्शन का विस्तृत मूल्यांकन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जल्द ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष से चर्चा कर अंतिम सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद विभाग के प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय नेतृत्व से विमर्श कर औपचारिक नियुक्तियां घोषित की जाएंगी। राष्ट्रीय स्तर पर विभाग के अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम की अनुशंसा भी प्रक्रिया का हिस्सा रहेगी।
संगठन को मजबूत करने की रणनीति
कांग्रेस का कहना है कि यह पूरी कवायद संगठन को बूथ और जिला स्तर तक मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि अनुसूचित जाति वर्ग के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए मजबूत जिला इकाइयों की जरूरत है।
नए जिला अध्यक्षों को सामाजिक न्याय, सरकारी योजनाओं की निगरानी, जनसमस्याओं को उठाने और पार्टी की नीतियों को गांव-गांव तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
दलित समाज की आवाज को मंच देने पर जोर
पार्टी नेताओं ने कहा कि चयन प्रक्रिया का उद्देश्य केवल पद भरना नहीं, बल्कि ऐसे कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देना है जो दलित समाज के बीच सक्रिय रूप से काम कर रहे हों और स्थानीय मुद्दों की समझ रखते हों। कांग्रेस का दावा है कि नए नेतृत्व के आने से सामाजिक न्याय और समान अवसर से जुड़े मुद्दों पर पार्टी की आवाज और मजबूत होगी।
कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल
इंटरव्यू में शामिल कार्यकर्ताओं ने भी प्रक्रिया को पारदर्शी और सकारात्मक बताया। कई कार्यकर्ताओं ने कहा कि संगठन में सक्रिय लोगों को अवसर देने से जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ मजबूत होगी और आगामी राजनीतिक गतिविधियों में ऊर्जा आएगी।
जल्द हो सकती है औपचारिक घोषणा
पार्टी सूत्रों के अनुसार, सभी जिलों के नामों पर अंतिम सहमति बनने के बाद जल्द ही नियुक्ति सूची जारी की जा सकती है। इसके साथ ही नए जिला अध्यक्षों को संगठन विस्तार और सदस्यता अभियान जैसे कार्यक्रमों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।












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