MP : मंडला में चाट-फुल्की खाने को तरसेंगे लोग, बिक्री पर लगा प्रतिबंध, ये है वजह
Mandala News : फुल्की, पानीपुरी, गोलगप्पे, चाट, जीराजल, खस्ता पापड़ी नाम भले कुछ भी हो लेकिन जब भी इनका जिक्र आता है तो मुंह में पानी आ जाता है। फुल्की भला किसे पसंद नहीं होंगे। खासकर त्यौहार वगैरह पर तो ऐसी चटपटी चीज़ें और मन को ललचाती है। लेकिन मंडला में प्रशासन ने जाट और फुल्की खाने पर बैन लगा दी है।

100 से अधिक लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार
मंडला जिले से लेकर चिरईडोंगरी इलाके तक में गोलगप्पे बेचने पर प्रशासन ने बैन लगा दी है। दरअसल फुल्की और चार्ट खाने के बाद पिछले दो दिन में 100 से अधिक लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए जिसके बाद जिला प्रशासन ने ये कदम उठाया है। सिर्फ जाट और फुल्की बनाने और बेचने पर ही नहीं बल्कि इसकी सामग्री बेचने पर भी रोक लगाई गई है। बता दें कि चिरईडोंगरी इलाके के आधा दर्जन गांवों में फुल्की फूड प्वाइजनिंग के मरीजों के हॉस्पिटल आने का सिलसिला शुरू हुआ और ये सिलसिला रविवार दोपहर तर जारी रहा। बीमारों का आंकड़ा 100 पार होने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ है। घटना की जांच के बाद पता चला कि फुल्की खाने के बाद यह संक्रमण फैला है और इसके बाद उसपर रोक लगा दिया गया।

57 बच्चे और गर्भवती महिलाएं भी शामिल
जानकारी में पता चला 2 भाई गोलगप्पे का ठेला लगाते हैं और उन्हीं के पास से चाट खाने के बाद लोग बीमार पड़े। इनमें 57 बच्चे और गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल और नारायणगंज स्वास्थ्य केंद्र में एडमिट कराया गया है। 1 बच्चे की हालत नाजुक है जिसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। इतनी तादाद में 1 साथ लोगों को फूड प्वाइजनिंग होने से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और पानीपुरी-चाट पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दिया गया है।

यह मामला आया सामने
घटना के बाद प्रशासन सक्रिय होते हुए गोलगप्पे खाने से बीमार हुए लोगों के बताए अनुसार गोलगप्पे बनाने वालों को सर्च अभियान चलाकर ढूंढा गया।इसमें पाया गया कि रिलायंस पेट्रोल पंप के पास हीरालाल की भूमि में लगभग 18-21 वर्षों से 6-7 परिवार रहते हैं, जो मूलरूप से उत्तर प्रदेश के जालौन उरई के निवासी हैं। ये लोग पूरे जिले में भ्रमण कर पानी पुरी, आईस्क्रीम का मौसमी व्यापार करते हैं। इनके संबंध में मकान मालिक द्वारा कोई जानकारी थाने में नहीं दी गई। पूछताछ में रूम मालिक के पास इनके कोई पहचान पत्र भी नहीं मिले।

साइट्रिक-एसिड बेचने वाली दुकान सील
शहर में गोलगप्पे बेचने वाला युवक यूनुस मंसूरी पिता जाकिर उम्र 20 साले एवं चिरईडोंगरी में गोलगप्पे बेचने वाले युवक की पहचान यूसुब पिता जाकिर हुसैन उम्र 19 साल दोनों निवासी उत्तर प्रदेश जिला जालौन के तौर पर हुई है। इन्हें थाने लाकर पूछा गया तो यूसुब ने जानकारी दी कि गोलगप्पे में खटाई के लिए साईट्रिक-एसिड डाला गया है, लोग संभवतः उसी से बीमार हुए हैं। साईट्रिक-एसिड में एक्सपायरी दिनांक का उल्लेख नहीं होने के कारण उस दुकान को सील करने की भी कार्रवाई की गई, जिसमें गोलगप्पे वालों को साईट्रिक-एसिड बेचा है।

स्वास्थ्य में हो रहा सुधार
वहीं बताया गया है कि उपचार के उपरांत अब सभी मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से 3 मरीजों को छुट्टी भी दे दी गई है।












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