स्वामी चिन्मयानंद दुष्कर्म मामले में पीड़ित छात्रा नहीं दे पाई सेमेस्टर की परीक्षा
बरेली। स्वामी चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली छात्रा आखिरकार सेमेस्टर परीक्षा में शामिल नहीं हो पाई। मंगलवार की सुबह छात्रा जेल से पुलिस सुरक्षा में एग्जाम देने पहुंची पर उसका एग्जाम नहीं देने दिया गया । रंगदारी के मामले में शाहजहांपुर जेल में बंद छात्रा अनुमति लेने के लिए मंगलवार को साढ़े तीन घण्टे यूनिवर्सिटी में रही। छात्रा ने कुलपति, कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक तीनों से ही गुहार लगाई।

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 75 फीसदी उपस्थिति नहीं होने के और परीक्षा फार्म समिट न होने के कारण और एडमिट कार्ड न होने के कारण उसे परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया गया। एमजेपी रोहिलखंड यूनिवर्सिटी के कैम्पस में मंगलवार की सुबह पीड़ित छात्रा अपनी एलएलएम की परीक्षा देने पहुंची पर उसके पास न एडमिट कार्ड था न ही उसको परीक्षा में बैठने की यूनिवर्सिटी की तरफ से अनुमति थी साथ ही उसकी उपस्थिति भी कम होने के कारण एलएलएम की परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया । काफी इंतजार के बाद उसे वापस लौटना पड़ा ।
वीसी प्रो अनिल शुक्ला ने बताया कि कुलपति को उपस्थिति में सिर्फ दस फीसदी की छूट देने की अनुमति है। छात्रा की उपस्थिति शून्य है। इस कारण उसे परीक्षा में शामिल नहीं कराया जा सकता है। हालांकि यदि कोर्ट बाद में परीक्षा कराने का आदेश देता है तो विशेष परीक्षा कराई जाएगी। वहीं अनुमति नहीं मिलने पर छात्रा ने कहा कि यदि उसे पुलिस अभिरक्षा में कक्षा अटेंड करने की अनुमति दी जाती तो मेरी उपस्थिति कम नहीं होती। आगे के कदम के बारे में उसने कहा कि पापा ही इस बारे में कोई फैसला लेंगे।












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