Barabanki: विवादित स्थल ढाए जाने पर बढ़ा विवाद, प्रशासन ने 8 लोगों पर दर्ज कराई FIR
Barabanki: विवादित स्थल ढाए जाने पर बढ़ा विवाद, प्रशासन ने 8 लोगों पर दर्ज कराई FIR
Barabanki, May 21: खबर उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से है। यहां पुलिस-प्रशासन द्वारा करीब 100 साल पुराने विवादित स्थल को तोड़े जाने का मामला अब तूल पकड़ता रहा है। तो वहीं, अब इस मामले में विपक्ष ने प्रशासन की कार्रवाई को निंदनीय बताया और मामले की जांच करने के लिए कहा है। वहीं, अब रामसनेही घाट तहसील परिसर में अवैध कब्जे को वक्फ संपत्ति घोषित करने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।

बता दें कि यह एफआईआर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सोन कुमार द्वार दर्ज कराई गई है। दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि मुश्ताक अली, वकील अहमद, अनीश, मुस्तकीम, दस्तगीर, अपजाल, नसीम और तत्काली निरीक्षण मो. ताहा द्वारा एक कमेटी बनाकर तहसील रामसनेही घाट प्रांगण में उप-जिलाधिकारी आवास के सामने अवैध रूप से निर्मित इकाई को हेरा-फेरी करके 5 जनवरी 2019 को बिना राजस्व विभाग की रिपोर्ट प्राप्त किए वक्फ सम्पत्ति घोषित कर दिए गया। तो वहीं, अब बाराबंकी के रामसनेही घाट कोतवाली में इन 8 लोगों पर नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई है।
हालांकि, विवादित स्थल को तोड़े जाने का मामला सियासी रंग भी ले चुका है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने इस मुद्दे को उठाया है। कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधिमंडल कल घटना स्थल के लिए रवाना हुआ था। कोशिश की गई थी कि वहां पर जा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाए, लेकिन पुलिस ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के काफिले को घटनास्थल से पहले ही रोक लिया और बाद में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू समेत कई कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में ले लिया।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इस मामले को उठाया था और इसे बीजेपी की सांप्रदायिक राजनीति बताया था। अखिलेश ने आरोप लगाया था कि 2022 के चुनाव को देखते हुए ये सब किया जा रहा है। उनकी तरफ से एक 9 सदस्यीय कमेटी भी बनाई गई थी जिसे इस मुद्दे पर पूरी जानकारी इकट्ठी करनी थी।












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