वोटर डेटा चोरी करने वाले ब्लैकलिस्ट ट्रस्ट ने चुनाव के लिए भरा है टेंडर, BBMP अधिकारी हैं कन्फ्यूज
कर्नाटक विधान सभा चुनाव 2023: डेटा चोरी के आरोप के बाद ब्लैकलिस्ट किए ट्र्रस्ट ने भरा ट्रेंडर , बीबीएमपी अधिकारी हैं कन्फ्यूज

कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 के लिए मतदान 10 मई को होगे और 13 मई को चुनाव परिणाम घोषित होगा। सभी राजनीतिक दल जहां चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं वहीं चुनाव आयोग के अलावा अन्य संबंधित विभाग चुनाव करवाने के लिए पुख्ता इंतजाम औक कागजी काम करने में जुटे हुए हैं। वहीं बीबीएमपी के अधिकारियों के सामने एक अजब असमंजस वाली स्थित आन खड़ी हुई है।
दरअसल, बृहट बेंगलुरु महानगर पालिक (बीबीएमपी) में कर्नाटक विधानसभा चुनाव में विभिन्न मतदान केंद्रों के लिए सामग्री और स्टेशनरी की आपूर्ति से संबंधित कई ट्रस्ट और कंपनियों ने टेंडर भरा है, लेकिन इस निविदाओं में एक ट्रस्ट ऐसा है जिसे बीबीएमपी ने मतदाता डेटा चोरी करने के आरोप में दिंसबर 2022 में ब्लैकलिस्ट कर दिया था।
बीबीएमपी के अधिकारी अब इस बात को लेकर कन्फ्यूज हैं कि ब्लैकलिस्ट किए गए ट्रस्ट के टेंडर पर करना क्या है?
बीबीएमपी ने पिछले साल जिस ट्रस्ट को ब्लैकलिस्ट किया था वो चिलूम एजुकेशनल, कल्चरल एंड रूरल डेवलपमेंट ट्रस्ट है । जिस पर चुनावी डेटा चोरी विवाद में अपनी भागीदारी के लिए सुर्खियां बटोरीं थी। उसने विभिन्न मतदान केंद्रों के लिए सामग्री और स्टेशनरी की आपूर्ति से संबंधित कई निविदाओं में भाग लिया है। बीबीएमपीअब अपने अगले कदम के बारे में अनिश्चित है।
अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारियों (एडीईओ) द्वारा देखे जाने वाले सभी चार क्षेत्रों ने मतदान दिवस के लिए उनकी तैयारी के लिए निविदाओं को आमंत्रित किया था।
सूत्रों के अनुसार एनजीओ चिलूम ने कई निविदाओं में भाग लिया था क्योंकि उन्होंने पिछले संसदीय चुनावों के दौरान इसी तरह का काम किया था। मतदाता डेटा चोरी के आरोपों के बाद, चिलूम ट्रस्ट को पिछले साल दिसंबर में ब्लैक लिस्ट में डाल दिया गया था और खरीद के लिए निविदाओं में भाग लेने से रोक दिया गया था।












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