खुद की हिफाजत के लिए स्कूली छात्राओं ने संभाली हॉकी स्टिक
बंगलुरू। स्कूल जाते हुए मनचलों की छींटाकशी से तंग आकर स्कूल की छात्राओं ने अपनी हिफाजत के लिए एक ऐसा काम शुरू किया है, कि हर कोई इन लड़कियों की तारीफ कर रहा है।

कर्नाटक के बेलगावी शहर से 12 किमी की दूरी पर बसे गांव वाघवेडे की इन लड़कियों को स्कूल जाने के लिए 12 किमी का सफर करना होता है। ज्यादातर रास्ता खेतों से होकर गुजरता है।
एक के बाद एक छेड़छाड़ के मामले यहां से गुजरने वाली लड़कियों के साथ होते है। ऐसे में इन स्कूली लड़कियों ने अपने स्कूल बैग में लंच बॉक्स के साथ अब हॉकी की स्टिक भी रखनी शुरू कर दी है।
वाघवेडे गांव की लड़कियां बेलगावी जाने के लिए मारखंडे गांव से होकर गुजरती हैं, जहां इस गांव के लड़के इनको परेशान करते हैं।
लगातार परेशान होने के बाद इन लड़कियों ने अब हॉकी स्टिक को अपनी सुरक्षा का हथियार बनाया है ताकि उनके साथ हदें पार करने की कोशिश करने वाले को सबक सिखा सकें।
हर उम्र की औरतों के साथ होती है घटनाएं
इस क्षेत्र में काम करने वाले एनजीए प्यास फाउंडेशन के डायरेक्टर के मुताबिक, इस इलाके में हर हफ्ते पांच से छह यौन शोषण के मामले सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि हर उम्र की औरतें इसका शिकार हो रही हैं।
लगाार इस तरह के मामले सामने आने पर गांव की औरतों ने पहले तो घरों से निकलना कम किया या फिर किसी पुरुष के साथ ही गांव से बाहर जाने लगीं।
इसके बावजूद जब घटनाएं सामने आती रहीं तो फिर इसका सामना करना ही गांव की लड़कियों को सबसे बेहतर तरीका लगा।
गांववालों के मुताबिक, सभी लड़कियों को पुलिस के नंबर भी दिए गए हैं, ताकि मौका पड़ने पर पुलिस को फोन किया जा सके और अपने गांव भी।
गांव वालों की कहना है कि गांव की लड़कियों के साथ तो छेड़छाड़ होती ही है, गांव के स्कूल में पढ़ाने के लिए आने वाली अध्यापिकाएं भी इसका शिकार होती हैं।
गांव वाले इस सारे मामले को लेकर पुलिस और स्थानीय नेताओं से भी नाखुश हैं। गांव के लोगों का कहना है कि पुलिस से लगातार इस बारे में शिकायतें की गई लेकिन कोई कदम नहीं उठाए गए। वहीं स्थानीय नेता भी सिर्फ वोट मांगने ही आते हैं।












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