पारिकर और ट्विटर ने रोका मुथालिक का रास्ता!

प्रहृलाद जोशी के इस फैसले को कोई समझ ही नहीं पा रहा था कि आखिर ऐसे व्यक्ति को पार्टी में क्यों शामिल गया। सुषमा स्वराज जैसी वरिष्ठ नेताओं की ओर से विरोध भी दर्ज कराया गया। लेकिन गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पारिकर और कहीं न कहीं माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर पार्टी के फैसले के विरोध ने मुथालिक को पार्टी में रहने से पहले ही बाहर का रास्ता दिखाने पर मजबूर कर दिया।
Did you know प्रमोद मुथालिक को 'पब अटैकर' नाम से भी जाना जाता है
क्या कहा था पारिकर ने
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पारिकर को बीजेपी के एक साफ सुथरे और ईमानदार नेता के तौर पर जाना जाता है। युवाओं का एक बड़ा तबका पारिकर का फैन भी है। जैसे ही कर्नाटक बीजेपी इकाई में प्रमोद मुथालिक के बीजेपी में एंट्री की खबर पारिकर को मिली उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह से बात की। पारिकर ने राजनाथ को इस फैसले के विरोध में अपनी राय दी।
उन्होंने राजनाथ सिंह ने अनुरोध किया की कर्नाटक इकाई के इस फैसले को मंजूरी न दी जाए। पारिकर के मुताबिक मुथालिक की छवि एक ऐसा नेता की है जिसे दो समुदायों के बीच तनाव पैदा करने वाला माना जाता है। ऐसे में अगर बीजेपी में मुथालिक को जगह दी गई तो क्रिश्चियन समुदाय के ऐसे वोटर्स जो पार्टी के लिए वोट करते आ रहे हैं, उन के दिमाग में पार्टी के आशंकाओं की स्थिति पैदा हो सकती है। अब जबकि नरेंद्र मोदी खुद चुनावों के मद्देनजर इस समुदाय के लोगों के बीच अपनी पहुंच बनाने की कोशिशों में लगेहैं, मुथालिक एक बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं।
हालांकि पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं जिनमें दक्षिण बेंगलूर से सांसद अनंत कुमार और अरुण जेटली का नाम खासतौर पर शामिल है, की ओर से भी इस फैसले के खिलाफ विरोध जताया गया था। अनंत कुमार ने तो यहां तक कह दिया था कि उन्हें मुथालिक से कोई भी सरोकार नहीं होगा। बताया जाता है कि मोदी की ओर से भी इसको लेकर विरोध जताया गया था। लेकिन शायद पारिकर की सलाह राजनाथ सिंह को सबसे ज्यादा भा गई।
ट्विटर पर मुथालिक का विद्रोह
मुथालिक की एंट्री को लेकर रविवार से ही बीजेपी के खिलाफ ट्विटर पर विद्रोह के हालात पैदा हो गए। कई लोगों ने आगे आकर इस फैसले का विरोध किया। इनमें से ज्यादातर युवा थे और उनका कहना था कि ऐसे समय में जब पार्टी मोदी के नेतृत्व में मजबूती हासिल करती हुई नजर आ रही है, मुथालिक को पार्टी में कोई शामिल किया गया। क्या पार्टी अब सरकार बनाने के लिए किसी भी तरह का फैसला करने को तैयार हो गर्इ।
सूत्रों की मानें तो पार्टी की सोशल मीडिया विंग की ओर से इसकी जानकारी आलाकमाना को दी गई। इसके बाद आलाकमान की ओर से तुरंत ही मुथालिक को बाहर करने का फैसला लिया गया और कर्नाटक इकाई के प्रमुख को इससे अवगत करा दिया गया। प्रमोदी मुथालिक पर 45 केस दर्ज हैं और उन्हें कर्नाटक राज्य के 12 जिलों की पुलिस तलाश रही है।












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