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जमीन पर बैठकर डीएम ने खुद बनाए मिट्टी के दीए, कंधे पर गमछा और पैरों में थी हवाई चप्पल

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बलिया। खबर उत्तर प्रदेश के बलिया (Ballia) जिले से है। यहां जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही (IAS Shrihari Pratap Shahi) 28 अक्टूबर को कंधे पर गमछा, पैरों में हवाई चप्पल पहन बिल्कुल देसी अंदाज में नजर आए। देसी अंदाज में डीएम श्रीहरि प्रताप शाही कुम्हार के घर पहुंचे और जमीन पर बैठकर दीवाली के लिए दीए (lamps) बनाए। इतना ही नहीं, डीएम ने दीपावली के लिए अपने आवास, कैम्प कार्यालय व कलक्ट्रेट के लिए हजारों दीयों का आर्डर भी दिया। इस दौरान उन्होंने जनपदवासियों से अपील कि है कि दीपावली पर झालर आदि की जगह पूर्ण रूप से मिट्टी के दिए ही जलाएं।

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जमीन पर बैठकर डीएम ने खुद बनाए दीए

जमीन पर बैठकर डीएम ने खुद बनाए दीए

मिट्टी के बर्तनों के निर्माण के लिए लोगों को प्रेरित करने के उद्देश्य से बलिया जिले के जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही बुधवार को बांसडीहरोड क्षेत्र के हरपुर गांव में रामप्रवेश कुम्हार के दरवाजे पर पहुंच गए। उनके साथ उनकी पत्नी व बच्चे भी थे। गर्दन में गमछा लटकाए डीएम चाक के पास बैठ गए और चाक पर बने छेद में लकड़ी डालकर खुद ही उसे नचाया। इस दौरान डीएम ने मिट्टी के दीए भी बनाए। यही नहीं, अपने बेटे के हाथों भी मिट्टी के दीए बनवाए। डीएम का यह अंदाज देख न सिर्फ रामप्रवेश बल्कि गांव व आसपास के लोग भी हैरान रह गए।

लोगों से की ये अपील

लोगों से की ये अपील

यही नहीं, डीएम ने दीपावली के मद्देनजर अपने आवास, वहां स्थित कैम्प कार्यालय व कलक्ट्रेट के लिए हजारों दीयों का आर्डर भी दिया। डीएम ने जनपदवासियों से दीपावली के दिन झालर की बजाय मिट्टी के दीए जलाने की अपील भी की। इस दौरान कुम्हारों की मूलभूत समस्याओं को सुना और उनके कल्याण के लिए विशेष पहल करने का भरोसा दिलाया। वहीं चारपाई पर अपने बच्चों के साथ बैठकर कुल्हड़ में चाय की चुस्की भी ली।

दीए जलाने से पर्यावरण संतुलन भी ठीक बना रहेगा: डीएम

दीए जलाने से पर्यावरण संतुलन भी ठीक बना रहेगा: डीएम

दरअसल, डीएम श्रीहरि प्रताप शाही ने निर्णय लिया है कि इस दीपावली पर उनके आवास स्थित कैम्प कार्यालय व कलक्ट्रेट में सिर्फ मिट्टी के ही दिए जलाए जाएंगे। अपनी अपील में डीएम ने कहा है कि पर्यावरण के साथ कुम्हारी कला और दीपावली का असली महत्व कायम रखने के लिए हम सबको ऐसा करना ही चाहिए। वर्तमान में समय में पर्यावरण की आवश्यकता भी यही है। वैसे भी दीवाली मनाने का हम सबका यही पारंपरिक तरीका भी रहा है। इससे दीपावली की चमक बरकरार रहने के साथ किसी की जीविका भी चलेगी और पर्यावरण संतुलन भी ठीक बना रहेगा। कहा कि मान्यता है कि मिट्टी का दीपक जलाने से शौर्य और पराक्रम में वृद्धि होती है और परिवार में सुख समृद्धि आती है।

जानिए कौन हैं DM श्रीहरि प्रताप शाही

जानिए कौन हैं DM श्रीहरि प्रताप शाही

श्रीहरि प्रतार शाही को 2019 में बलिया जिले का जिलाधिकारी बनाया गया था। श्रीहरि प्रताप शाही 1997 बैच के पीसीएम और 2012 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। शाही की गिनती सूबे के कुशल प्रशासनिक अधिकारियों में होती है। यूपी कैडर के आईएएस श्रीहरि प्रताप शाही रहने वाले भी उत्तर प्रदेश के ही हैं। उनका जन्म प्रदेश के कुशीनगर जिले में हुआ है। बता दें कि अपने आवास परिसर में खुद ट्रैक्टर चलाकर मोटे अनाज की खेती करके भी वो चर्चाओं में आ चुके है।

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English summary
Ballia DM Srihari Pratap Shahi himself made clay lamps for Diwali
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