Azamgarh: हवालात में दरोगा! जिस थाने में तैनात थे, वहीं हुए बंद, वजह जानकर हैरान रह जाएंगे आप
आजमगढ़ में एक विवेचना में रिश्वत लेने के मामले में दरोगा के खिलाफ उसी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया जहां तैनाती थी। मुकदमा दर्ज करने के बाद दरोगा को गिरफ्तार कर लिया गया।

Azamgarh जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आजमगढ़ जिले में जिस थाने में एक दरोगा की तैनाती थी, उसी थाने के लॉकअप में दरोगा को बंद करना पड़ा। बताया जा रहा है कि मुकदमा दर्ज करने के बाद दरोगा को लॉकअप में डाला गया।
पुलिस द्वारा अपने ही विभाग के दरोगा के ऊपर कार्रवाई किए जाने के मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चा चल रही है। वहीं लोगों का कहना है कि कोई भी व्यक्ति हो यदि उसने गलत किया है तो उसे सजा मिलनी ही चाहिए।
इस मामले की जानकारी पीड़ित पक्ष द्वारा आजमगढ़ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य को दी गई। पीड़ित द्वारा शिकायत किए जाने के बाद अनुराग आर्य द्वारा मामले की जांच कराई गई।
पुलिस द्वारा की गई अंदरूनी जांच में पता चला कि थाने पर तैनात दरोगा मोहन प्रसाद विवेचना के दौरान एक पक्ष से 30 हजार लेकर मामले को रफा-दफा किए थे। ऐसे में जांच में दरोगा पर दोष सही पाया गया।
दरोगा के दोषी पाए जाने के बाद एसपी के निर्देश पर कप्तानगंज थाने में दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और आरोपी दरोगा को पकड़कर थाने में स्थित हवालात में डाल दिया गया।
यह भी कहा जा रहा है कि आरोपी दरोगा के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई भी की जा रही है। वहीं पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ द्वारा लिए गए एक्शन के चलते पूरे जिले में हड़कंप मचा हुआ है।
इस मामले की जानकारी जब आम लोगों को हुई तो लोगों ने एसपी आजमगढ़ के इस कार्य को सराहनीय बताए। वहीं दोषी दरोगा के खिलाफ कार्रवाई करने पर पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ सुर्खियों में हैं।












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