Azamagarh में खेती की भूमि पर असलहों की पैदावार? ATS ने खोला राज
Azamagarh में खेती की भूमि पर चल रही थी असलहों की अवैध फैक्ट्री, दो आरोपियों को गिरफ्तार करके उनके पास से भारी मात्रा में असलहा बरामद करने के बाद टीम द्वारा इसका खुलासा किया गया है।
Azamagarh में खेती की जमीन पर असलहों की फैक्ट्री चल रही थी। आजमगढ़ से दो अभियुक्तों को गिरफ्तार करते हुए उनके पास से भारी मात्रा में असलहा और असलहा बनाने के उपकरण बरामद करने के बाद यूपी एटीएस टीम द्वारा इसका खुलासा किया गया है। यह भी बताया गया कि खेती की जमीन पर बनाए गए असलहे की फैक्ट्री में बकायदा कारीगरों को रखा गया था और फैक्ट्री से निर्मित असलहों को काजी गन हाउस के माध्यम से पूर्वांचल समेत अन्य जनपदों में सप्लाई किया जाता था।

एटीएस टीम ने छापेमारी करके किया था गिरफ्तार
आजमगढ़ जिले के बिलरियागंज थानांतर्गत फलाहनगर निवासी आफताब आलम पुत्र फिरोज आलम और इसी थाना क्षेत्र के पतिला गौसपुर के रहने वाले मैनुद्दीन शेख पुत्र सम्मू अहमद को बुधवार को एटीएस टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार करने के बाद उनके पास से पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध असलहे बरामद किया था। दोनों से पूछताछ के बाद एटीएस टीम की सूचना पर गुरुवार को आजमगढ़ जिले के आसिफगंज पांडेय बाजार इलाके में स्थित काजी गन हाउस में छापेमारी की गई थी। छापेमारी से पहले ही दुकान का संचालक सैयद काजी अरशद दुकान बंद करके फरार हो गया था। दुकान में ताला लगा होने के चलते जिला प्रशासन द्वारा दुकान को सील कर दिया गया।
दूसरे देशो में भी सप्लाई किए जाते थे असलहे
बताया जा रहा है कि इब्राहिमपुर में स्थित फैक्ट्री में असलहा बनाने के बाद उसे आजमगढ़ समेत पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों में सप्लाई किया जाता था। इस काम को पांडेय बाजार में स्थित काजी गन हाउस के मालिक सैयद काजी अरशद के गठजोड़ से किया जाता था। बताया यह भी जा रहा है कि पूर्वांचल समेत आस पास के जनपदों में सप्लाई करने के साथ ही डिमांड होने पर यहां से निर्मित असलहों को नेपाल, पाकिस्तान और दुबई भी भेजा जाता था। पकड़े गए आरोपयों से इसे लेकर भी पूछताछ की जा रही है।
बाढ़ आने पर घर से कर रहे थे काम
मालू हो कि आजमगढ़ जिले के देवारा क्षेत्र के कुड़ही ढाला के समीप इब्राहिमपुर गांव में खेती की भूमि पर अवैध असलहों के निर्माण के लिए फैक्ट्री बनाई गई थी। बाढ़ आ जाने के बाद वहां पर पानी भर गया, उसके बाद आरोपियों द्वारा कारीगरों को अपने घर पर बुलाया जाता था और वहीं पर असलहों का निर्माण करवाने के साथ ही वहीं से असलहों की सप्लाई की जा रही थी। बताया जा रहा है कि पकड़ा गया आरोपी आफताब आलम इसके पहले भी दो बार जेल जा चुका है और पिछले कई वर्षों से अवैध असलहों के निर्माण और तस्करी में सक्रिय रहा है।












Click it and Unblock the Notifications