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जिस बेटी का किया अंतिम संस्कार वही लौट आई जिंदा, हत्या के झूठे इल्जाम में टूटी बहन की सगाई

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Amethi news, अमेठी। यूपी के अमेठी में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। दो महीने पहले घर से लापता किशोरी के परिजनों ने काफी तलाश के बाद एक लावारिस लाश की शिनाख्त की और अपनी बेटी समझकर उसका अंतिम संस्कार कर डाला, अब वही लड़की जिंदा वापस लौट आई है। लेकिन बेटी के गायब होने के बाद लड़की के पिता ने अपने सगे भाई के परिवार को नामजद किया उस भाई के परिवार पर आफत आ गई। बेटी के गायब होने की शिकायत के बाद पुलिस कार्रवाई में फंसे भाई की बेटी की सगाई टूट गई।

चाचा-चाची पर लगाया इल्जाम

चाचा-चाची पर लगाया इल्जाम

दरअसल मोहनगंज थाना क्षेत्र के सवितापुर गांव के पास नहर में 29 मार्च को एक बालिका की सिर कटी लाश मिली थी। पुलिस ने थाना क्षेत्र के रमई गांव निवासी बृजलाल की लापता नाबालिग बेटी के घरवालों को बुलाया और उन्होंने बेटी के रूप में उसकी शिनाख्त कर डाली। मंगलवार को सुबह जब किशोरी ग्रामीणों की मदद से घरवालों के हाथ लगी तो सभी के रोंगटे खड़े हो गए। इस मामले में लड़की के चाचा व चाची नामजद हुए थे। पिता की तहरीर पर किशोरी के चाचा दृगपाल व चाची सुनीता को नामजद कर दिया गया।

पिता को लगा कि उसके भाई ने की हत्या

पिता को लगा कि उसके भाई ने की हत्या

लापता लड़की के पिता बृजपाल ने कहा कि लड़की आई तो हमने थाने में सूचना दी। उसके बाद लड़की थाने पर गई, अभी हम अपने घर को नहीं ले गए। लेकिन इस लड़की को अब नहीं रखेंगे, क्या पता ये लड़की हमें मारने के लिए जाल बिछा रही हो। भाई को फंसा देने पर पिता बोला कि उसने मेरी पत्नी को मारा और मुझे और बेटी से कहा था कि तुमको गायब कर देंगे या तुमको मार डालेंगे। इसलिए हम लोगों ने बेटी के लापता होने पर उनका नाम लिखवाया और कहा था कि लड़की सही सलामत वापस ला दोगे तो हम नाम वापस ले लेंगे।

बेटी की होनी थी सगाई

बेटी की होनी थी सगाई

पीड़ित भाई ने कहा कि 17 मार्च को हम घर आए थे, 19 को पुलिस हमें उठा ले गई। हमसे बहुत पूछताछ की। हमने कहा कि हम मजदूर हैं लखनऊ में काम करते हैं। लेकिन पुलिस ने हम पर बहुत अत्याचार किया। इसी कारण हम लड़की की शादी तक नहीं कर सके। हमको तीन दिन बंद रखा था। पीड़ित की पत्नी का आरोप है कि पुलिस जुर्म कबूल कराने के लिए उसके पति पर जमकर लाठियां भांजती रही।

युवक के साथ दिल्ली भागी किशोरी

युवक के साथ दिल्ली भागी किशोरी

लापता किशोरी का कहना है कि वो दिल्ली में थी और अब वहां से अकेले घर लौटी है। उसने बताया कि वो घर से 13 मार्च को गई थी, जब उससे कहा गया कि उसके जाने के बाद चाचा-चाची पर मुकदमा तक हो गया, तो उसने जवाब दिया कि मुझे नहीं मालूम। लड़की ने बताया कि गांव के पास रहने वाले एक लड़के के साथ वो भागी थी।

एसपी राजेश कुमार का कहना है कि अज्ञात में मुकदमा लिखा गया था। पहले लड़की के भाग जाने की तहरीर मिली थी जिस पर मुकदमा क़ायम था। बाद में उसने लाश की शिनाख्त हुई और परिवार ने कहा था कि यह मेरी लड़की है। लेकिन उसका कहना संदिग्ध लग रहा था। हम लोगों ने उसकी छानबीन की। हम लोग उसे अज्ञात में ही इन्वेस्टिगेट कर रहे हैं इसका अलग से अपहरण का मुकदमा दर्ज है। लेकिन एसपी स्वयं अपने ही बयान में फंस गए। उन्होंने कहा कि बृजलाल ने भाई को फंसाया नहीं था सिर्फ शिकायत की थी। बड़ा सवाल ये है जब शिकायत ही हुई थी तो दोनों पति-पत्नी पर पुलिस ने लाठियां क्यों बरसाई और उसके पति को तीन दिन तक थाने मे क्यों बिठाए रखा? शायद इसका जवाब एसपी के पास नहीं है।

वहीं ग्राम प्रधान प्रतिनिधि वीर बहादुर सिंह ने बताया कि बृजपाल पासी की पुत्री गायब हुई थी। नहर के पास सिर कटी लाश उसे जानकारी हुई तो देखने नहीं गया। 7-8 दिन बाद लाश जब सड़ गई और पोस्टमॉर्टम के लिए अमेठी गई तब उसने शिनाख्त कर कहा था कि यह मेरी पुत्री है। जबकि गांव वाले कह रहे थे के मृतक लड़की का शव उसकी बेटी का नहीं है। इधर पुलिस आरोपी भाई को कई बार ले गई। तभी पता चला की लड़की नहर पटरी के पास बस से उतरी है। मैने एसओ को फोन किया और फिर जाकर उस लड़की को पकड़ा गया।

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English summary
missing daughter found after two months, family shocked whom they buried
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