अखिलेश यादव ने तेज प्रताप के लिए चुनी यूपी की ये बहुचर्चित सीट, BJP की केसरी देवी को देंगे टक्कर

प्रयागराज। इलाहाबाद और फूलपुर लोकसभा सीट के लिए 16 अप्रैल से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। अभी तक भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने दोनों संसदीय सीट तथा कांग्रेस ने फूलपुर सीट पर प्रत्याशी की घोषणा की है। समाजवादी पार्टी (SP) ने अभी तक इन सीटों पर अपने पत्ते नहीं खोले है। वहीं, चर्चा है कि सपा फूलपुर सीट से मैनपुरी के सांसद और मुलायम सिंह के पोते तेज प्रताप यादव को गठबंधन का प्रत्याशी बना सकती है। हालांकि अभी तक इसका आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है।

भाजपा को टक्कर देने के लिए 'तेज' को उतारने की तैयारी

भाजपा को टक्कर देने के लिए 'तेज' को उतारने की तैयारी

फूलपुर संसदीय सीट से भाजपा ने केशरी देवी पटेल को अपना उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में इस सीट बीजेपी को टक्कर देने के लिए मुलायम कुनबे के सदस्य को ही उतारने की तैयारी की जारी है। चर्चा है कि तेज प्रताप को फूलपुर सीट से चुनाव मैदान में उतारकर पार्टी आस-पास की सीटों पर भी भाजपा का समीकरण बदलने की रणनीति पर काम कर रही है। बता दें कि फूलपुर लोकसभा के लिये आज से नामंकन की प्रक्रिया शुरू हो रही है। जिसे देखते हुये इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक नामी वकील से तेज प्रताप के नामंकन से संबंधित सभी कागजात तैयार करने को कहा गया था। संभावना है कि तेज प्रताप के नाम का आज आधिकारिक ऐलान किया जा सकता है। हालांकि थोडा पेंच अभी इसलिए फंसा है कि क्योंकि सपा के पूर्व सांसद धर्मराज पटेल को अभी भी लखनऊ में रोके रखा है और उनके खास लोगों का कहना है कि अभी रेस जारी है और धर्मराज सिंह पटेल अभी रेस में बने हुये हैं।

फूलपुर सीट पर सभी की नजर

फूलपुर सीट पर सभी की नजर

फूलपुर लोकसभा के उपचुनाव के बाद यह सीट सपा के कब्जे में हैं। नागेंद्र सिंह पटेल यहां से सांसद है। लेकिन उनके स्टिंग में फंसने व जीत के बाद अपेक्षाकृत जनता से जुडाव ना रखने का उन्हें खामियाजा भुगतना पडा सकता है। साथ ही लोगों की नाराजगी से यह सीट भी सपा के खात से खिसक सकती है। जिसे देखते हुये सपा अपना बेहतरीन और जीताउ प्रत्याशी को मैदान में उतार रही है। तेज प्रताप के नाम पर यादव वोटों का भटकाव पूरी तरह से थम जायेगा और शिवपाल यादव के प्रत्याशी को अब यहां से वोट काटना मुश्किल होगा। सपा तेज प्रताप के नाम पर वोट बटोर लेगी और अपने पारंपरिक वोट मुस्लिम के साथ वह भाजपा को सीधी टक्कर देगी। जबकि बसपा वोट अब यहां सपा की जीत में निर्णायक की भूमिका अदा करेंगे। फिलहाल तेज प्रताप का नाम क्या आज फाइनल होगा? इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

फूलपुर को गढ बना चाहती है सपा

फूलपुर को गढ बना चाहती है सपा

इलाहाबाद और फूलपुर की सीटें दोनों ऐसी लोकसभा हैं, जिनका प्रभाव आस पास की 6 लोकसभा सीटों पर पड़ता है। या यूं कहें कि यहां के मतदाताओं का रूझान एक जैसा होता है। जिसे देखते हुये सपा इस पूरे इलाके को मैनपुरी, इटावा, सैफई जैसे इलाके में तब्दील करना चाहती है, जो उसका गढ़ बन जाये। यही कारण है कि मुलायब कुनबे का एक चिराग अब फूलपुर में भी जलने पहुंच गया है। इलाहाबाद की अपेक्षा फूलपुर तेज प्रताप के लिये मुफीद स्थान है। क्योंकि यहां यादव बिरादरी के वोट काफी संख्या में हैं और हार जीत के जिस गुणा गणित पर समीकरण तय होते हैं उसमें तेज प्रताप अब केशरी देवी से किसी भी मामले में कमजोर नहीं साबित होंगे।

मोदी लहर में तेज प्रताप जीती थी मैनपुरी सीट

मोदी लहर में तेज प्रताप जीती थी मैनपुरी सीट

गौरतलब है कि मोदी लहर में भी जीत हासिल करने वाले तेज प्रताप सपा के लिए नयी पीढी के होनहार नेता हैं, जिनके कंधे पर सपा को आगे ले जाने की जिम्मेदारी है। अगर वह फूलपुर जीतकर पार्टी के खाते में यह सीट डालते हैं तो पूर्वांचल में अखिलेश के साथ वह इस पूरे परिक्षेत्र में राजनीति की नयी इबारत लिखेंगे। वैसे राजनैतिक तौर पर देखा जाये तो यह सही भी है, अपने सियासी दायरे को बढ़ाने के लिए अपने मजबूत गढ से बाहर भी सपा को अपना रूप विस्तर करना होगा। तब यह और अपेक्षाकृत हो जाता है जब बसपा जैसी पार्टी से उनका गठबंधान हो।

ये भी पढ़ें:-फूलपुर सीट पर क्या हैं जीत-हार के पुराने सियासी आंकड़े

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