SP Leader Video: प्रयागराज में सपा नेता का आपत्तिजनक वीडियो वायरल, FIR दर्ज, पुलिस जांच में जुटी
SP Leader Video: प्रयागराज के मेजा इलाके में समाजवादी पार्टी से जुड़े नेता रामसागर यादव एक वायरल वीडियो के चलते विवादों में घिर गए हैं। वीडियो में उन्हें एक महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखा गया, जिसके बाद पुलिस ने मामला संज्ञान में लिया।
सोमवार को इस वायरल वीडियो के संबंध में एफआईआर दर्ज की गई और इसके कुछ घंटों बाद ही आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, मामला जमानती धाराओं के अंतर्गत आने के कारण उन्हें थाने से ही जमानत मिल गई।

इस पूरे प्रकरण के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। स्थानीय लोग सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं, वहीं पुलिस मामले की तह तक जाने की कोशिश में जुटी है।
सिरसा चौकी इंचार्ज की तहरीर पर हुई कार्रवाई
इस केस की शुरुआत उस समय हुई जब सिरसा चौकी प्रभारी अनिल कुमार पांडेय ने एक शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने अपनी तहरीर में बताया कि एक जून को एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (एक्स हैंडल) पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति महिला के साथ आपत्तिजनक हरकत करते दिख रहा है।
जांच में सामने आया कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि रामसागर यादव उर्फ मुखिया है, जो सिरसा क्षेत्र के लोहरी उपरोड़ा गांव का रहने वाला है। इसके बाद पुलिस ने आईटी एक्ट और सार्वजनिक स्थान पर अश्लीलता फैलाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
महिलाओं की पहचान में जुटी पुलिस
पुलिस अब उस वायरल वीडियो में मौजूद दोनों महिलाओं की पहचान करने में जुटी है। थानाध्यक्ष राजेश उपाध्याय का कहना है कि जैसे ही महिलाओं की पहचान होगी, उनके बयान लिए जाएंगे और उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी साफ किया कि वीडियो भले ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ हो, लेकिन इसे फैलाना भी अपराध की श्रेणी में आता है। इसलिए जिसने इस वीडियो को अपलोड या साझा किया, उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी नेता ने बताया विरोधियों की साजिश
रामसागर यादव ने अपनी सफाई में कहा कि यह सब उन्हें बदनाम करने की सोची-समझी साजिश है। उनका कहना है कि वह वीडियो पूरी तरह से फर्जी है और इसे तकनीक के जरिए तैयार किया गया है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति वह नहीं है और वह कभी उस स्थान पर मौजूद नहीं थे। सपा नेता ने पुलिस और जांच एजेंसियों से निवेदन किया है कि मामले की तह तक जाकर सच सामने लाया जाए।
थानाध्यक्ष राजेश उपाध्याय के अनुसार, मामले में जो धाराएं लगी हैं, वे ऐसी हैं जिनमें सात साल से कम की सजा का प्रावधान है। इसी कारण रामसागर यादव को थाने से ही जमानत मिल गई।
हालांकि, पुलिस ने जांच बंद नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं के बयान और तकनीकी जांच के बाद तय किया जाएगा कि क्या अतिरिक्त धाराएं जोड़ी जाएं या फिर अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया जाए।












Click it and Unblock the Notifications