• search
इलाहाबाद / प्रयागराज न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

इलाहाबाद सीट से चुनाव लड़ सकते है शेखर बहुगुणा, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने की मांग

|

प्रयागराज। इलाहाबाद संसदीय सीट पर भाजपा ने रीता बहुगुणा जोशी को मैदान में उतारकर कांग्रेस की मुश्किल बढ़ा दी है। कांग्रेस और सपा-बसपा गठबंधन को इलाहाबाद सीट से कोई प्रत्याशी नहीं मिल रहा है, जो रीता जोशी को सीधी मात दे सके। वहीं, कांग्रेस के स्थानीय पदाधिकारियों ने केंद्रीय कमेटी को रीता जोशी के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए उनके भाई शेखर बहुगुणा का नाम सुझाया है। आपको बता दें कि शेखर बहुगुणा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं।

शेखर ही तोड सकते है रीता के चक्रव्यूह को

शेखर ही तोड सकते है रीता के चक्रव्यूह को

दरअसल, कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता व पदाधिकारियों ने केंद्रीय नेतृत्व को इलाहाबाद से रीता जोशी के भाई शेखर बहुगुणा को टिकट दिये जाने की मांग की है। शेखर बहुगुणा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता है। शेखर बहुगुणा फैमली से जुडाव का जो चक्रव्यूह रीता ने रचा है, उसे तोड सकते हैं। वहीं, दूसरी तरफ शेखर बहुगुणा अपनी बहन रीता बहुगुणा के खिलाफ चुनाव लडेंगे या नहीं इस पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ता इस रणनीति को लेकर उत्साहित हैं और प्रियंका गांधी से मिलकर शेखर को टिकट दिये जाने की मांग करेंगे।

राजनीति से है गहरा नाता

राजनीति से है गहरा नाता

शेखर बहुगुणा का राजनीति से गहरा नाता है। इनके पिता स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री रहे, जबकि बड़े भाई विजय बहुगुणा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। डॉ. रीता बहुगुणा जोशी भी कांग्रेस और भाजपा कई अहम पदों पर रह चुकी है। हेमवती नंदन बहुगुणा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री रहते हुए जमुनापार के विकास में अहम भूमिका निभाई थी। वह इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र का 1971 में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, जबकि बारा विधानसभा क्षेत्र से वह 1957 व 62 में विधायक चुने गए थे।

परेशान है कांग्रेस नेतृत्व

परेशान है कांग्रेस नेतृत्व

गौरतलब है कि कांग्रेस पिछले एक महीने से टिकट को लेकर असमंजस में है। बार बार नाम सामने आने के बाद बाजी उनके हाथ से फिसल जा रही है। कभी संभावित प्रत्याशी पीछे हट जा रहा है तो कभी रीता के कद के कारण सभावित प्रत्याशी को बदलना पड रहा है। अभी तक संजय दत्त से लेकर, टीवी एक्ट्रेस श्वेता तिवारी, राकेश धर त्रिपाठी तक का नाम खूब सुर्खियों में रहा। खुद कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ने इन नामों पर सहमति जताई थी और इनमें से ही प्रत्याशी चुने जाने की जानकारी मीडिया से साझा की थी। लेकिन टिकट को लेकर नेतृत्व फैसला ही नहीं कर पा रहा है। जिसका नुकसान उसे उठाना होगा।

रीता युद्ध स्तर पर कर रही प्रचार

रीता युद्ध स्तर पर कर रही प्रचार

भाजपा प्रत्याशी रीता जोशी जिस तरह से इलाहाबाद संसदीय सीट से माहौल बना रही हैं और उनके समर्थन के साथ घर घर चल पडे चुनाव प्रचार प्रसार ने माहौल को मोडा है, वह किसी लहर सरीखा है। युद्ध स्तर पर देर रात तक चलने वाले प्रचार को पूरे लोकसभा क्षेत्र में फैला दिया गया है। वैसे भी रीता ने भाजापा के हर गुट को अपने साथ कर लिया है और वह अपने वोट बैंक को पूरी तरह से सुरक्षित करने के लिए जी जान से जुटी हुई हैं।

ये भी पढ़ें:- इलाहाबाद लोकसभा क्षेत्र का प्रोफाइल, जहां से रीता जोशी लड़ रही हैं चुनाव

शेखर आये तो बदल जायेगा माहौल

शेखर आये तो बदल जायेगा माहौल

फिलहाल राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं होता, पति के खिलाफ पत्नी का, भाई के खिलाफ भाई, पिता के खिलाफ बेटे का लडना आम हो गया है। ऐसे में अगर रीता के खिलाफ उनके भाई शेखर बहुगुणा को कांग्रेस टिकट देती है तो निश्चित तौर पर अभी तक बना माहौलब बिगड जायेगा और भाजपा की रणनीति को एक तरह से कांग्रेस पटखनी दे देगी। हालांकि रीता और शेखर के पारिवारिक संबंध बेहद ही प्रगाढ हैं, ऐसे में शेखर रीता के खिलाफ चुनाव लडेंगे या नहीं अभी इस पर पूरी तरह से संशय है।

ये भी पढ़ें:-मेनका गांधी बोलीं, राफेल डील में मोदी सरकार ने नहीं किया कोई छल

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Shekhar Bahuguna can contest election from Allahabad seat on Congress ticket
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more