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प्रयागराज: बारिश से बढ़ा गंगा का जलस्तर, रेत में दफनाए गए शव फिर आने लगे बाहर

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प्रयागराज, जून 25: पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश के कारण उत्तर प्रदेश की नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। तो वहीं, संगम नगरी प्रयागराज में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन के सामने नई चुनौती पेश कर कर दी है। दरअसल, प्रशासन को एक बार फिर रेत में दफनाए गए शवों की समस्‍या से जूझना पड़ रहा है। गुरुवार को फाफामऊ घाट पर रेत में दफनाए गए 22 और शव गंगा में बहने से पहले रोक लिए गए। प्रशासन ने देर रात तक इस घाट पर लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कराया। बता दें कि अब तक इस घाट पर 92 लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कराया जा चुका है।

Prayagraj News: Water level of Ganga increased due to rain, bodies buried in sand found again

खबरों के मुताबिक, प्रयागराज के विभिन्‍न घाटों पर पिछले दो दिनों में स्‍थानीय पत्रकारों द्वारा मोबाइल से खींचे गए वीडियो/तस्‍वीरों में नगर निगम की टीम को शव बाहर निकालते हुए देखा जा सकता है। बता दें, फाफामऊ घाट पर गुरुवार की सुबह छह बजे से ही कटान से शवों के निकलने का सिलसिला शुरू हो गया। घाट पर निगरानी के लिए लगाए गए मजदूरों ने दोपहर 12 बजे तक 13 शव निकाले। इन शवों का अंतिम संस्कार कराया जा रहा था, तब तक और शवों के बाहर आने की जानकारी मिलने लगी। रात आठ बजे तक कटान की चपेट में आने के बाद 22 शव रेत से निकाले गए।

प्रयागराज म्‍युनिसिपल कार्पोरेशन के जोनल ऑफिसर नीरज सिंह ने मीडिया को बताया कि वे पिछले 24 घंटों में 40 शवों का अंतिम संस्‍कार करवा चुके हैं। उन्‍होंने बताया, 'हम पूरे अनुष्‍ठानों और विधि-विधान के साथ शवों का अंतिम संस्‍कार करवा रहे हैं।' एक मृत व्‍यक्ति के शव के मुंह में ऑक्‍सीजन ट्यूब देखे जाने संबंधी सवाल पर उन्‍होंने माना कि ऐसा लगता है कि मौत के पहले यह शख्‍स बीमार होगा। उन्‍होंने कहा, 'आप देख सकते हैं कि यह शख्‍स बीमार था और परिवार इस व्‍यक्ति को यहां छोड़ गया होगा। संभवत: वे डर गए होंगे।'

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प्रयागराज मेयर अभिलाषा गुप्‍ता नंदी ने मीडिया को बताया कि कई समुदायों में शवों को दफनाने की परंपरा रही है। जहां मिट्टी में शव डिकम्‍पोज (विघटित) हो जाते हैं, वह रेत में नहीं हो पाते। उन्‍होंने कहा, 'हमें जहां भी शव मिल रहे हैं, हम उनका अंतिम संस्‍कार करवा रहे हैं।' वहीं, जोनल अधिकारी नीरज कुमार सिंह ने बताया कि कटान को देखते हुए अंतिम संस्कार के बाद रात को फाफामऊ घाट पर निगरानी बढ़ा दी गई। एक भी शव गंगा में न बहने पाएं, इसके लिए छह लोगों को रात भर घाट पर निगरानी करने के लिए तैनात कर दिया गया है। निगम के अफसरों का कहना है कि घाट पर कटान का दायरा जिस तरह से बढ़ रहा है, उससे और भी शव बाहर आ सकते हैं।

English summary
Prayagraj News: Water level of Ganga increased due to rain, bodies buried in sand found again
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