Umesh Pal Murder: कोर्ट से लेकर घर तक हमलावरों ने किया पीछा, फिर घर के बाहर फेंका बम
Umesh Pal Hatyakand: प्रयागराज पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि हमलावरों ने कोर्ट से लेकर घर तक उमेश पाल का पीछा किया और घर के ठीक बाहर उमेश पर बम से हमला किया।

Umesh Pal Hatyakand: चर्चित बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की शुक्रवार शाम हत्या कर दी गई। इस मामले में बड़ी जानकारी सामने आई है। दरअसल, पुलिस ने कोर्ट से लेकर उमेश पाल के घर तक के पूरे रास्ते के CCTV खंगाले हैं। जिसमें यह बात सामने आई है कि हमलावर कार और बाइक से आए थे। हमलावरों ने कोर्ट से लेकर घर तक उमेश पाल का पीछा किया और घर के ठीक बाहर उमेश पर बम से हमला किया। जिसमें उमेश पाल और उसके एक गनर की मौत हो गई, जबकि एक गनर का अभी इलाज चल रहा है।
उमेश पाल हत्याकांड मामले में प्रयागराज पुलिस ने अतीक अहमद के दो बेटे समेत आधा दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए इन सभी लोगों से पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए 8 से 10 टीमें लगाई गई हैं। इस हत्याकांड का जो CCTV फुटेज सामने आया है उसमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे बीच सड़क पर बदमाशों ने इस बड़ी घटना का अंजाम दिया। वीडियो में एक हमलावर को एसयूवी पर क्रूड बम फेंकते हुए देखा जा सकता है, जबकि अन्य ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं।
हमलावर ये बम बैग में रखकर लाए थे, इस बात की जानकारी प्रयागराज पुलिस ने दी है। वहीं, सीसीटीवी फुटेज में बदमाश झोले से बम निकाल कर मारते हुए भी देखे जा सकते है। गोलियों की तड़तड़ाहट और और बम के धमाके से इलाका भी थर्रा उठा था। यह घटना शुक्रवार की शाम 5:15 बजे उस वक्त हुई जब उमेश जिला कचहरी से कार से धूमनगंज स्थित अपने घर पहुंचे थे। इस मामले में पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि बाहुबली अतीक अहमद के छोटे भाई अशरफ के करीबी शूटर और बमबाज लड़कों की तस्वीरें निकाल ली हैं।
तो वहीं, देर रात पुलिस ने प्रतापगढ़ और कौशांबी में दबिश दी और आधा दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। अब हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी है। वारदात के बाद धूमनगंज और आसपास का इलाका छावनी में तब्दील हो गया। आपको बता दें, शहर पश्चिम के विधायक रहे राजू पाल की 25 जनवरी 2005 को धूमनगंज इलाके में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उनके रिश्तेदार और दोस्त उमेश पाल मुख्य गवाह थे। उमेश ने लोअर कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक में राजू पाल हत्याकांड की पैरवी की थी। इसी कारण अतीक गिरोह से उनकी खुलेआम दुश्मनी हो गई थी।
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पुलिस की 8 से 10 टीमें लगी
पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा ने बताया कि यह घटना उमेश पाल के घर के ठीक बाहर हुई है। अब तक इस बात की पुष्टि हुई है कि दो बस फेंके गए थे और उन पर बंदूक से फायर भी किया गया था। घटना के हर पहलू पर पुलिस जांच कर रही है और हमले में शामिल लोगों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की 8 से 10 टीमें लगाई गई हैं।












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