कोरोना से मौत के बाद अपनों ने मोड़ा मुंह, 400 Km दूर जाकर मुस्लिम दोस्त ने किया अंतिम संस्कार
प्रयागराज, अप्रैल 27: कोरोना संक्रमण काल में जब खून के रिश्ते भी मुंह मोड़ ले रहे हैं तो दोस्त, यार काम आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश के इटावा में रहने वाले मुस्लिम दोस्त ने दोस्ती की ऐसी मिसाल पेश की है कि लोग तारीफ किए बिना रह नहीं पा रहे हैं। चौधरी सिराज अहमद ने कोरोना से जान गंवाने वाले अपने दोस्त के अंतिम संस्कार के लिए 400 किलोमीटर का सफर तय किया। प्रयागराज में हिंदू धर्म के हिसाब से दोस्त को मुखाग्नि भी दी।

दरअसल, प्रयागराज के जयंतीपुर इलाके में हाईकोर्ट में ज्वाइंट रजिस्ट्रार के पद से रिटार्यड हेम सिंह अकेले ही रहते थे। कुछ वर्ष पहले उनकी बेटी और पत्नी की मृत्यु हो गई थी। करीब एक सप्ताह पहले हेम सिंह कोरोना की चपेट में आए गए थे। उन्होंने अपने दोस्त सिराज को फोन कर अपने बारे में बताया था। हेम सिंह प्रयागराज के सिविल लाइंस के एक निजी अस्पताल में भर्ती हो गए थे। अस्पताल ने उन्हें दो लाख रुपए जमा करने को कहा था, जिसकी जानकारी उन्होंने अपने दोस्त सिराज को दी। सिराज ने तुरंत उनके अकाउंट में दो लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। हेम सिंह को इस बीच शुक्रवार को अचानक से सांस लेने में तकलीफ हुई और कुछ समय बाद उनकी मौत हो गई।
हांलाकि, सिराज इससे पहले ही प्रयागराज के लिए रवाना हो गए थे। 400 किलोमीटर का सफर तय करके रात करीब 9:30 बजे वह अस्तपाल पहुंचे तो पता चला कि हेम सिंह अब नहीं रहे। अगले दिन शनिवार को सिराज ने हेम सिंह के करीब 20 रिश्तेदारों और परिचितों को फोन किया, लेकिन कोई भी उन्हें कंधा देने को तैयार नहीं हुआ। आखिरकार वह खुद ही अपने दोस्त का शव एम्बुलेंस में लेकर फाफामऊ घाट पहुंचे और हेम सिंह के साथ रहने वाले संदीप और एम्बुलेंस के दो लड़कों की मदद से अंतिम संस्कार की तैयारी की। उसके बाद सिराज अहमद ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार की क्रिया पूरी करने के लिए वह ढाई दिन हेम सिंह के घर पर ही रुके रहे।












Click it and Unblock the Notifications