Kumbh Mela 2019: शाही अंदाज में निकली 'किन्नर अखाड़े' की देवत्व यात्रा, देखने उमड़ा जनसैलाब
Allahabad News, इलाहाबाद। मकर संक्रांति यानि 14 जनवरी से शुरू होने वाले विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक समागम में पहली बार किन्नर अखाड़े ने देवत्व यात्रा निकाली। ऊंट, घोड़ा, बग्घी, डीजे व डमरू की मंगलध्वनि के साथ गाड़ियों का लंबा काफिला था। इस देवत्व यात्रा की खास बात यह रही कि इसमें किन्नर संत घोड़ों और बग्घियों पर सवार थे। इस यात्रा में 25 से अधिक बग्घियां थी। शाही अंदाज में निकली देवत्व यात्रा को देखने और साधु संतों का दर्शन करने लिए लाखों की तादाद में लोग एकत्रित हुए।

पहली बार निकली किन्नरों की पेशवाई
उज्जैन में गठन के बाद प्रयागराज के कुंभपर्व में पहली बार किन्नर अखाड़े ने देवत्व यात्रा निकाली। कुंभ में अब तक 13 अखाड़ों को ही पेशवाई का अधिकार प्राप्त था। किन्नर अखाड़ों के शामिल होने से इस बार कुंभ में 14 अखाड़े भाग ले रहे है। बता दें कि प्रयागराज में किन्नर अखाड़ा पहली बार देवत्व यात्रा निकाल रहा है, इसलिए लोगों में इसको लेकर खासी उत्सुक्ता रही।

शाही अंदाज में निकली देवत्व यात्रा
कुंभ मेले के भव्य आयोजन में किन्नर अखाड़ा कोई कसर नहीं रखना चाहता है। अखाड़े की इस देवत्व यात्रा में सबसे आगे 8 बग्घियों पर अखाड़े के संत विराजमान थे और इसके पीछे अखाड़े की महामंजलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ऊंट पर सवार थीं और लोगों को आशीर्वाद दे रही थीं। इस दौरान सजे-धजे रथों में बैठे किन्नर संयासियों के साथ बैंड बाजे भी चल रहे थे। जो माहौल को रोमांचक बना रहे थे।

तीन वैष्णव अखाड़ों की पेशवाई, साधुओं ने दिखाई कलाबाजी
श्री पंच निर्मोही अखाड़ा, श्री पंच दिगंबर अखाड़ा और श्री पंच निर्वाणी अखाड़ा के साधु संत हाथी-घोड़े और बघ्घी पर सवार थे। सबसे आगे सात हाथी, कई घोड़े और हाथ में ध्वजा लिए साधुओं का समूह था। इस समूह के पीछे साधु तलवार से कलाबाजी दिखा रहे थे। इस शोभायात्रा की भव्यता और साधु-संतों का दर्शन करने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे। पेशवाई को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर श्रद्धालुओं का हुजूम खड़ा था। लोग पेशवाई पर फूल वर्षा कर साधु-संतों का स्वागत कर रहे थे।












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