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हाईकोर्ट ने कहा- साक्षी और अजितेश 2 महीने के अंदर रजिस्टर्ड कराएं शादी

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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश का बरेली जिला इन दिनों सुर्खियों में है। वजह है कि बरेली जिले की बिथरी चैनपुर सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक राजेश मिश्रा की बेटी साक्षी मिश्रा ने अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ प्रेम विवाह किया है। साक्षी ने अपनी जाति से बाहर जाकर दलित समुदाय के अजितेश से शादी की है। इस शादी के तुरंत बाद साक्षी और उनके पति अजितेश ने अपनी जान का खतरा देख दोनों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुरक्षा की गुहार लगाई थी। कोर्ट ने दोनों के पक्ष में फैसला सुना दिया है।

साक्षी और अजितेश को दिया ये आदेश

साक्षी और अजितेश को दिया ये आदेश

दरअसल सोमवार को साक्षी मिश्रा और अजितेश की सुरक्षा याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने इनकी शादी को लेकर पेश किये गये कागजात को सही माना और शादी को वैध करार दिया। लेकिन हाईकोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा कि इस शादी का अभी तक कानूनी तौर पर रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया है। ऐसे में यह बहुत आवश्यक है कि सबसे पहले शादी को रजिस्टर्ड कराया जाये। हाईकोर्ट ने शादी के रजिस्ट्रेशन के लिये नियमों के मुताबिक दो महीने की छूट दी है और कहा है कि अगर दो महीने में शादी का रजिस्ट्रेशन न होने पर कोर्ट का आदेश स्वतः ही निरस्त समझा जायेगा।

कोर्ट ने देखे प्रमाण पत्र

कोर्ट ने देखे प्रमाण पत्र

जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई जब शुरु हुई तो सबसे पहले शादी के सर्टिफिकेट के साथ आयु के लिए साक्षी और अजितेश के शैक्षिक प्रमाण पत्रों को देखा। अभिलेखों के अनुसार साक्षी की उम्र 23 वर्ष है, जबकि अजितेश की उम्र 29 साल है। ऐसे में अब दोना को यूपी मैरिज रजिस्ट्रेशन रुल्स 2017 के तहत दो माह में अपनी शादी रजिस्टर्ड करानी होगी। तभी इस शादी को कानूनी वैधता मिलेगी। फिलहाल अदालत ने साक्षी, अजितेश समेत उनके वकील विकास राणा को भी सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया है।

साक्षी के पिता व बीजेपी विधायक राजेश मिश्रा को दिया नोटिस

साक्षी के पिता व बीजेपी विधायक राजेश मिश्रा को दिया नोटिस

कोर्ट ने साक्षी के पिता विधायक राजेश मिश्रा को नोटिस जारी करते हुए अपना पक्ष रखने के लिए कहा है और उनका पक्ष रखने के बाद ही इस मामले में याचिका का निस्तारण किये जाने की संभावना है। हालांकि विधायक ने पूर्व में लिखित व मौखिक तौर पर अपना पक्ष सामने रखा था, लेकिन अदालती कार्रवाई के तहत उन्हें इसके लिये हाईकोर्ट में अब शपथ पत्र देना होगा।

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English summary
high court legitimate the sakshi ajitesh marriage should be registered within two months
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