डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को कोर्ट से मिली राहत, भड़काऊ भाषण देने के मामले में मुकदमा वापस
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को भड़काऊ भाषण देने के मामले में बड़ी राहत मिली है। सरकार द्वारा मुकदमा वापस लिए जाने की अर्जी को एसपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है और यह मुकदमा खत्म कर दिया है। गौरतलब है कि लोकसेवा आयोग के चेयरमैन को हटाए जाने की मांग को लेकर विश्वविद्यालय के छात्रों के आंदोलन में केशव मौर्य पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप था।

क्या था मामला
स्पेशल कोर्ट की पत्रावली के अनुसार, दो जनवरी 2014 को लोकसेवा आयोग के चेयरमैन को हटाए जाने के लिए छात्रसंघ भवन पर तीन सौ से अधिक छात्र प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान छात्र मानव श्रृंखला बनाने के लिए एकत्र थे। आरोप है कि केशव प्रसाद मौर्य ने सभा के दौरान मंच से भड़काऊ भाषण दिया था। इसके बाद छात्र उत्तेजित हो गए और ईट पत्थर चलाने लगे। जिसमें पुलिस वालों के वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और चोटें आई थी।
वापस हुआ मुकदमा
यूपी की योगी सरकार ने केशव मौर्य पर 2 जनवरी 2014 की कर्नलगंज थाने में एसओ राकेश सिंह द्वारा दर्ज कराये गये मुकदमे को समाप्त करने का फैसला 6 महीने पहले ही कर लिया था और इसके लिए डीएम को पत्र भेजकर मुकदमा वापस लेने का निर्देश दिया गया था। इसे जनहित में किया गया आंदोलन बताते हुये इस मुकदमे को वापस ले लिया और मुकदमे की समाप्ति के लिए स्पेशल कोर्ट में 16 मार्च 2019 को अर्जी भेजी गयी। जहां, एसपीओ हरिओंकार सिंह व राधेकृष्ण मिश्र की दलीलों को सुनने के बाद सरकार की अर्जी मंजूर कर ली गयी और यह मुकदमा समाप्त कर दिया गया। मामले पर सुनवाई स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने की।












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