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लोकसभा चुनाव 2019: अपना दल ने BJP से मांगी फूलपुर सीट, प्रतापगढ़ छोड़ने को बेबस

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Prayagraj news, प्रयागराज। अनुप्रिया पटेल की अपना दल इस बार लोकसभा चुनाव में फूलपुर लोकसभा सीट से भाजपा गठबंधन के तौर पर चुनाव लड़ सकती है। वहीं, गठबंधन में मिली प्रतापगढ़ लोकसभा सीट को छोड़ सकती हैं। गौरतलब है कि भाजपा व अपना दल सोनेलाल पार्टी के बीच गठबंधन में पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान प्रतापगढ़ की सीट अपना दल के खाते में गयी थी और यहां पर अद प्रत्याशी हरिवंश राय ने जीत दर्ज कर की थी, लेकिन हरिवंश के बागवती सुरों को देखकर और अनुप्रिया की मां कृष्णा पटेल का गठबंधन के खिलाफ चुनाव लड़ने मैदान में आने के बाद अपना दल ने यह सीट ही छोड़ने का फैसला किया है और वह इस सीट के एवज में फूलपुर लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ना चाह रही हैं।

प्रतापगढ़ छोड़ने को बेबस

प्रतापगढ़ छोड़ने को बेबस

अपना दल के सामने प्रतापगढ़ को छोड़ना हाल फिलहाल बेबसी नजर आ रही है, क्योंकि हरिवंश को टिकट दिये जाने के दौरान ही पार्टी में गुटबाजी हुई थी और अब तो खुद हरिवंश ने ही अलग गुट के साथ अद से किनारा करना शुरू कर दिया है। ऐसे में अपना दल अपनी बची हुई उर्ज को संजोने में जुटी थी, लेकिन अनुप्रिया की मां के चुनावी समर में सीधी खिलाफत करने से माहौल बदल गया है।

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मां कृष्णा ने बढ़ाई मुश्किल

मां कृष्णा ने बढ़ाई मुश्किल

चूंकि, अनुप्रिया की मां कृष्णा पटेल भी प्रतापगढ़ से चुनाव मैदान में आ गयी हैं और उन्होंने शिवपाल यादव की पार्टी से गठबंधन के तौर पर अपनी दावेदारी पेश की हैं, ऐसे में सीधे टकराहट का नुकसान आपस में ही इन्हें चुकाना पड़ सकता है। मां बेटी के बीच में पहले से ही टकराहट के मंजर साफ दिखे हैं और राजनैतिक दूरियों से इनके बीच की खाई को काफी बढ़ा भी दिया है, लेकिन राजनैतिक महत्वाकांक्षा को लेकर दोनों ही अपने अपने तरीके से चुनावी सीढ़ियों पर कदम बढ़ा रही हैं। फिलहाल, मां के खिलाफ चुनाव लड़ने से होने वाले नफे नुकसान का आंकलन अनुप्रिया बखूबी कर चुकी हैं, जिसे देखते हुये अनुप्रिया खुद ही इस सीट से बैक होकर दूसरी सीट पर विकल्प तलाश रही हैं और मौजूदा समय में फूलपुर सीट जाततिगत गणित के आधार पर अपना दल के लिये सटीक व मुफीद जगह दिखाई पड़ रही है।

फूलपुर से दावेदारी

फूलपुर से दावेदारी

पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों के अनुसार, इस बावत अनुप्रिया पटेल ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के समक्ष अपनी मांग रख दी है और स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी पार्टी से किसी भी प्रत्याशी को प्रतापगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव नहीं लड़ाना चाहती। अनुप्रिया पटेल ने भाजपा से अपनी मांग में अभी किसी प्रत्याशी का नाम तो सामने नहीं किया है। लेकिन, अंदरूनी खबर है कि अनुप्रिया पटेल ने गठबंधन की सीट के तौर पर अपने लिये ही फूलपुर लोकसभा सीट मांगी है। संभावना है कि अनुप्रिया मिर्जापुर की बजाय फूलपुर से चुनाव लड़ सकती हैं। हालांकि, इस बात के अभी पुख्ता बयान नहीं आये हैं और इसका कारण अभी बहुत अधिक स्पष्ट नहीं है, लेकिन कुर्मी बाहुल्य इलाका होने के कारण यहां हमेशा से अपना दल का बड़ वोट बैंक रहा है और अगर यह सीट अपना दल के खाते में जाती है तो अद गठबंधन के सामने बड़ी चुनौती बनेगी। राजनैतिक आंकड़ें तो यहां तक कहते हैं कि अनुप्रिया के यहां लड़ने से यह सीट गठबंधन के खाते में जा सकती है।

भाजपा की परेशानी होगी दूर

भाजपा की परेशानी होगी दूर

वैसे भाजपा पहले से ही इस सीट पर प्रत्याशी के नाम को लेकर परेशान है। भाजपा के दर्जन भर नेता इस सीट से अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं, कई स्थानीय नामचीन नेता इस दौड़ में तो शामिल हैं ही, कुछ बाहरी नेताओं ने भी फूलपुर से चुनाव लड़ने की अपनी मंशा पार्टी के सामने रखी थी और पिछले चुनाव में बाहरी प्रत्याशी लाने का खामियाजा भाजपा ने सीट गवांकर चुकायी है। ऐसे में वह ज्यादा गुणा गणित के यह सीट अपना दल को दे सकती है। दरअसल, भाजपा के हाथ से उप चुनाव में फिसल चुकी फूलपुर लोकसभा सीट पर देश की सबसे चर्चित सीट है और इस साल सीट पर सभी दलों की नजर है। केशव प्रसाद मौर्य के रिकार्ड तोड़ जीत के बाद उप चुनाव में भाजपा यहां हार गयी थी और इस समय यह सीट समाजवादी पार्टी के कब्जे में है। ऐसे में भाजपा इस सीट पर केशव की जीत को दोहराने का प्रयास करना चाहेगी और गठबंधन के तौर पर उसे यह सीट अनुप्रिया को देने में कोई परेशानी भी नहीं होगी।

अपना दल के खाते में जा सकती है सीट

अपना दल के खाते में जा सकती है सीट

हालांकि, भाजपा प्रतापगढ़ की अपेक्षा फूलपुर लोकसभा में बढ़िया प्रदर्शन करती रही है और मौजूदा समय में फूलपुर लोकसभा की सभी विधान सभा सीटों पर भाजपा के ही विधायकों का कब्जा है। हालांकि, सोरांव विधान सभा गठबंधन के बाद अपना दल के खाते में गयी थी और यहां से जमुना प्रसाद सरोज विधायक हैं, लेकिन विधान सभा चुनाव के दौरान इस सीट के चलते ही गठबंधन टूटने तक की नौबत आ गयी थी। ऐसे में पूरी तवज्जों भाजपा को ही दी जा रही है। लेकिन गठबंधन धर्म निभाने और अनुप्रिया की ताकत को देखते हुये भाजपा फूलपुर सीट अपना दल के खाते में डाल सकती है।

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English summary
anupriya patel may contest lok sabha election 2019 from phulpur
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