डॉ कफील खान पर लगी रासुका हाईकोर्ट ने अवैध बताते हुए हटाया, दी सशर्त जमानत
प्रयागराज। डॉक्टर कफील को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कफील खान को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में भड़काऊ भाषण देने के मामले में सशर्त जमानत दे दी है। साथ उन पर लगी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) को भी हटा दिया है। अदालत ने कहा कि रासुका के तहत गिरफ्तारी अवैध है। बता दें कि डॉक्टर कफील खान ने दिसंबर 2019 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर भड़काऊ भाषण दिया था।
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भड़काऊ भाषण देने के आरोप में पुलिस ने उन्हें इसी साल जनवरी में मुंबई से गिरफ्तार किया था और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत जेल भेज दिया था। डीएम अलीगढ़ ने नफरत फैलाने के आरोप में डॉ. कफील पर एनएसए लगाया था। पिछले कई महीनों से कफील खान मथुरा जेल में बंद हैं। हालांकि अलीगढ़ जिले के जिलाधिकारी द्वारा एनएसए लगाने के आदेश को डॉ कफील खान इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
डॉ कफील की मां नुजहत परवीन की ओर से बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की गई थी। जिस पर फैसला सुनाते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि अलीगढ़ डीएम की ओर से 13 फरवरी, 2020 को पारित आदेश (एनएसए की कार्रवाई) गैरकानूनी है। कफील खान को हिरासत में लेने की अवधि का विस्तार भी अवैध है। डॉ. कफील खान को तुरंत रिहा करने का आदेश जारी किया जाता है।












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