मुख्तार अंसारी की जमानत अर्जी खारिज, HC ने माफिया को कानून-व्यवस्था के लिए कलंक और चुनौती करार दिया
प्रयागराज, 14 जून: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने माफिया मुख्तार अंसारी की जमानत अर्जी को खारिज करते हुए तल्ख टिप्पणी की है। हाई कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को कानून-व्यवस्था के लिए कलंक और चुनौती करार दिया है।हाईकोर्ट ने कहा, "राबिनहुड इमेज वाला मुख्तार अंसारी न्याय व्यवस्था के लिए चुनौती है। उस पर 1986 से लेकर अब तक 50 से अधिक आपराधिक केस दर्ज हैं। मगर, अभी तक किसी भी मामले में सजा नहीं मिल सकी है।" इसी के साथ कोर्ट ने मुख्तार अंसारी की जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष और तीन नौकरशाहों की कमेटी से विधायक निधि के दुरुपयोग का ऑडिट कराया जाए।

जानिए क्या है पूरा मामला?
मुख्तार पर विधायक निधि के दुरुपयोग का आरोप है। उनके खिलाफ मऊ के सराय लखंसी थाने में 24 अप्रैल 2021 को एफआईआर दर्ज कराई गई थी। कोर्ट ने बहस पूरी होने के बाद 20 मई को फैसला सुरक्षित रख लिया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में मुख्तार अंसारी को बड़ा झटका देते हुए जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। इस मामले में हाईकोर्ट के जस्टिस राहुल चतुर्वेदी की सिंगल बेंच ने फैसला सुनाया है।
मुख्तार अंसारी पर क्या है आरोप?
माफिया मुख्तार अंसारी पर धारा 419, 420, 467, 468, 471 और 120 बी आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज है। इस केस में मामले में मुख्तार अंसारी के साथ चार अन्य आरोपी बनाए गए हैं। विधायक निधि से विद्यालय निर्माण के लिए प्रबंधक को 25 लाख रुपए दिया गया था। आरोप है कि विद्यालय का निर्माण नहीं कराया गया। इस मामले में विद्यालय के प्रबंधक बैजनाथ यादव और विधायक प्रतिनिधि आनंद यादव भी आरोपी बनाए गए हैं। हालांकि, कोर्ट से विद्यालय प्रबंधक बैजनाथ यादव और प्रतिनिधि आनंद यादव को जमानत मिल चुकी है। वहीं, बाहुबली मुख्तार अंसारी अभी बांदा जेल में बंद हैं।












Click it and Unblock the Notifications