कुंभ: इस संत ने राम का नाम जपने का निकाला अनूठा तरीका, डिजिटल मशीन से ले रहे भगवान का नाम
Allahabad

अयोध्या से आए हैं संत
कुंभ मेला क्षेत्र के तपस्वी की कुंभ में अयोध्या से आए संत संतोष दास का शिविर लगा हुआ है। वह पिछले ढाई दशक से मेले में कल्पवास करते आ रहे हैं। अभी तक वह मंत्र व इष्ट का नाम जपने के लिए रुद्राक्ष, स्फटिक, कमल गट्टा, तुलसी व अन्य रत्नों की माला का इस्तेमाल किया करते थे। पहली बार उन्होंने डिजिटलीकरण को अपनाया है और राम नाम जपने के लिए इलेक्ट्रॉनिक मशीन का प्रयोग करेंगे।

मशीन से जप करेंगे बाबा
गौरतलब है कि पौराणिक समय मंत्र व इष्ट का नाम जपने के लिए विभिन्न तरह की मालाओं का इस्तेमाल किया जाता रहा है और प्रत्येक रत्नों की माला का अपना अलग-अलग प्रभाव होता है। यानि रुद्राक्ष की माला को अलग तरह के जप में प्रयोग किया जाता है और स्फटिक की माला दूसरे तरह के जप में कार्य करेगी। इस तरह से हर तरह के रत्नों का इस्तेमाल विशेष कार्य के कार्य व इच्छा के लिए होता है। परंतु अब जब मशीन से राम का नाम जपा जाएगा तब उसका कैसा प्रभाव होगा और संत उसे लेकर क्या दलील देंगे और यह कितना सफल होगा यह आने वाला समय बताएगा। फिलहाल कुंभ में बाबा चर्चा का विषय बने हुए हैं।

क्या कह रहे बाबा
मीडिया से दूरी बनाए हुए बाबा के शिविर से प्राप्त जानकारी के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस विशेष तौर पर डिजाइन की गई है। इसमें एक लाख बार तक नाम जपने यानि उसे काउंट करने की खासियत है। मशीन का उत्तर प्रदेश के वृंदावन में परीक्षण किया गया और कुछ संतों द्वारा अपनाए जाने के बाद संतोष महाराज ने भी इसे खरीदा है। इस बार वह कुंभ मेले में इसी मशीन से अपने जप की गिनती करेंगे। इस मशीन की खासियत यह है कि एक लाख जप पूरा होते ही यह ऑटोमेटिक रूप से बंद हो जाएगी और फिर से जप शुरू करने के लिए इसे ऑन करना होगा। जिसके बाद यह मशीन रिकाउंटिंग शुरू कर देती है। यानि एक लाख गिनती पूरी होते ही आप फिर से एक से गिनती शुरू कर सकते हैं। इसके बारे में संतों का मत है कि नाम जपने में संख्या में चूक हो सकती है। ऐसे में यह मशीन बेहद ही उपयोगी साबित होगी।












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