गुजरात में अब दौड़ेंगी पॉल्यूशन फ्री इलेक्ट्रिक बसें, सरकार पूरा कर रही 4 साल पहले का वादा
Gujarat News, गांधीनगर। गुजरात में जल्द ही सड़कों पर पॉल्यूशन फ्री इलेक्ट्रिक बसें दौड़ती नजर आएंगी। इसी शुरुआत अहमदाबाद से होगी, क्योंकि अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने तय किया है कि नये साल में शहर के बीआरटीएस कॉरिडोर में अगले ही कुछ दिनों में कम से कम 50 इलेक्ट्रिक बसें दौडेंगी।

चार साल पहले रूपानी ने किया था वादा
स्थानीय लोगों का कहना है कि चार साल पहले जो वादा किया गया था, उसे विजय रूपाणी अब पूरा करा रहे हैं। तत्कालीन मुख्यमंत्री आनंदीबहन पटेल की सरकार में विजय रूपाणी जब परिवहन मंत्री थे, तब उन्होंने वादा किया था कि गांधीनगर और अहमदाबाद के बीच इलेक्ट्रिक बस दौडेंगी। अब रूपाणी गुजरात के मुख्यमंत्री हैं तो ये वादा चार साल बाद अहमदाबाद से पूरा होने जा रहा है।

गांधीनगर में सोलर पावर्ड चार्जिंग स्टेशन भी
चार साल पहले रूपानी ने कहा था कि गांधीनगर और अहमदाबाद के बीच इलेक्ट्रिक बस चलाने के लिए गुजरात एसटी कॉर्पोरेशन और गुजरात पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा पायलट प्रोजेक्ट स्थापित किया जाएगा। इस सुविधा से संबंधित इलेक्ट्रिक बस को चार्ज करने के लिए गांधीनगर सेंट्रल बस स्टेशन पर सोलर पावर्ड चार्जिंग स्टेशन भी शुरू किया जाएगा। हालांकि, उस समय रूपाणी का विचार सरकार में कहीं खो गया था।

अहमदाबाद से चलेंगी 50 नई इलेक्ट्रिक बसें
अब इलेक्ट्रिक बस कुछ दिनों में शुरू होने जा रही है। अहमदाबाद म्युनिसिपल कार्पोरेशन ने 2018 में बीआरटीएस यात्रियों के लिए 50 नई इलेक्ट्रिक बसें चलाने का निर्णय लिया था, जो वर्ष 2019 में पूरा हो रहा है। कोर्पोरेशन का दावा है की इलेक्ट्रिक बसों से प्रदूषण की मात्रा कम होगी और ईंधन की बचत होगी।

बीआरटीएस रूट पर 255 सीएनजी बसें चल रहीं
वर्तमान में अहमदाबाद शहर के बीआरटीएस रूट पर 255 सीएनजी बसें चल रही हैं। अब पर्यावरण को बनाए रखने के लिए इलेक्ट्रिक बस को एक नए दृष्टिकोण के साथ चलाने का निर्णय लिया गया है। यह बस बीआरटीएस कॉरिडोर में दी जाएगी। फिलहाल 50 बसें खरीदी गई हैं लेकिन भविष्य में ज्यादा बसें खरीदी जाएंगी। अशोक लेलैंड कंपनी ने अहमदाबाद को इलेक्ट्रिक बस की पेशकश की है। इस बस का संचालन और मरम्मत का काम कंपनी द्वारा किया जाएगा। अहमदाबाद कोर्पोरेशन प्रति किलोमीटर के हिसाब से कंपनी को शुल्क देगा। अहमदाबाद में बीआरटीएस मार्ग में बसों को चार्ज करने के लिए चार्जिंग स्टेशन भी बनाए जा रहे हैं।

296 करोड़ रुपये का प्रावधान
राज्य के परिवहन विभाग के अधिकारी का कहना है की दूसरे चरण में इलेक्ट्रिक बस को राज्य के सूरत, वड़ोदरा, राजकोट और गांधीनगर में भी दौड़ाने का आयोजन किया गया है। राज्य सरकार ने इस वर्ष के बजट में मुख्यमंत्री शहरी बस योजना के तहत 296 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। जिसमें राज्य के शहरी क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक बस चलाने का आयोजन है। राज्य के मुसाफिरों को ध्यान में रखते हुए सरकार की यह भी प्लानिंग है कि इलेक्ट्रिक बस राज्य एसटी कोर्पोरेशन को भी दी जायेंगी।

राजकोट में बन रहा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट
इस बीच राजकोट म्युनिसिपल कोर्पोरेशन ने भी शहर में 10 इलेक्ट्रिक बस बीआरटीएस कोरिडोर में और 8 इलेक्ट्रिक बस शहर के अन्य इलाकों में देने का तय किया है, ताकि शहर के एयर पोल्युशन में कटौती हो सके। राजकोट में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बन रहा है, तो एयर पोर्ट ओथोरिटी ने भी तीन बस की मांग की है।












Click it and Unblock the Notifications