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सिर तक पहुंच गई थी इस आदमी रीढ़ की हड्डी, कराहता रहता था, अब ठीक होकर दौड़ने लगा

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अहमदाबाद। अहमदाबाद स्थित एशिया के सबसे बड़े सिविल अस्पताल में एक ऐसे शख्स का इलाज हुआ, जो दर्द से कराहता रहता था। जिसकी रीढ़ के ढांचे का तालमेल बिगड़ गया था। रीढ़ की हड्डी का कुछ हिस्सा सिर तक पहुंचने के कारण उसे पीड़ा हो रही थी। वह चल-फिर नहीं पा रहा था। उसने कई अस्पतालों में खुद को दिखाया, लेकिन आराम नहीं हुआ। राजस्थान के जोधपुर स्थित एक अस्पताल ने उसे कहा कि, इस समस्या से उबारने में 10 लाख रुपए खर्च हो सकते हैं। जिसके आॅपरेशन के बाद ही वो पीड़ा मुक्त हो पाएगा। हालांकि, तब भी कोई गारंटी नहीं होगी।

रीढ़ की हड्डी की वजह से जूझ रहा था पीड़ा से

रीढ़ की हड्डी की वजह से जूझ रहा था पीड़ा से

जोधपुर के हॉस्पिटल में डॉक्टरों द्वारा भारी-भरकम खर्च और कोई गारंटी नहीं देने की बात किए जाने से शख्स और ज्यादा चिंतित हो गया। फिर एक दिन किसी ने उसे अहमदाबाद जाने की सलाह दी। जब वह अहमदाबाद सिविल अस्पताल लाया गया, तो उच्च कोटि की तकनीक, बेहतर सुविधाओं एवं अनुभवी डॉक्टरों ने उसकी जिंदगी संवार दी। यहां इलाज कराने के बाद न केवल उसकी रीढ़ की हड्डी की दिक्कतें दूर की गईं, बल्कि वह दौड़ने भी लगा।

राजस्थान के पाली जिले का रहने वाला है शख्स

राजस्थान के पाली जिले का रहने वाला है शख्स

यह शख्स है- राजस्थान के पाली जिले का रहने वाला भरत। भरत के मुताबिक, अहमदाबाद में एशिया के सबसे बड़े सिविल अस्पताल के चिकित्सकों ने उसे पीड़ा से मुक्त कर दिया है। वरना दर्द के साथ जिंदगी जीना उसकी मजबूरी हो गई थी। भरत के परिजनों ने बताया कि, भरत की गर्दन में गंभीर चोट आ गई थी, जिससे उसे चलने-फिरने में काफी परेशानी होती थी। जब वे उसे यहां सिविल अस्पताल लाए तो जांच में पता चला कि रीढ़ की हड्डी के दो मोती (सी1 और सी2) के हिस्से दिमाग तक खिसक गए थे। गर्दन के भाग में दिक्कत थी, जिसे चिकित्सकों ने भांपा।

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जटिल ऑपरेशन हुआ, तब संभला अशोक

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अहमदाबाद सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक एवं स्पाइन विभागाध्यक्ष डॉ. जे.वी. मोदी के मुताबिक, भरत की रीढ़ की हड्डी का ऊपरी हिस्से का तालमेल नहीं होने के कारण उसे असहनीय पीड़ा हो रही थी। सर्जरी करना रिस्की था, तब न्यूरो मानिटरिंग के साथ 2 घंटे में ऑपरेशन किया गया। जिसमें डॉ. जे.वी. मोदी और उनकी टीम के स्पाइन फेलो डॉ. सागर, डॉ. हर्शल और एनेस्थीसिया विभाग की टीम ने सफलता पाई। उसके बाद भरत आसानी से चल-फिरने में सक्षम हो गया।

English summary
rajasthan pali patient rare surgery successful at ahmedabad civil hospital
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