आप अपने बच्चों को शिक्षित नहीं करना चाहते तो जेएनयू जाकर कहें कि हमें तो गुलामी चाहिए: हार्दिक पटेल
अहमदाबाद। दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के हॉस्टल की फीस बढ़ाए जाने को लेकर हो रहे छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को हार्दिक पटेल ने भी अपना समर्थन दिया है। हार्दिक पटेल ने प्रदर्शनकारियों का पक्ष लेते हुए शुक्रवार को लोगों से कहा, ''आप सभी से इतनी ही विनती करता हूँ कि यदि आप शिक्षित नहीं होना चाहते हैं और न ही अपने बच्चों को शिक्षित करना चाहते हैं तो उन जेएनयू छात्रों के पास जाकर कहें कि हमें शिक्षा नहीं लेनी हैं, बल्कि गुलामी चाहिए। इसलिए आप संघर्ष छोड़ दें।''

'जेएनयू के छात्रों की लड़ाई में हम उनके साथ हैं'
हार्दिक ने कहा, ''सभी देशवासियों को मेरा यही कहना है कि वे फीस वृद्धि के खिलाफ मुखर हुए छात्रों का साथ दें। इससे पहले कांग्रेसी नेता ने सरकार पर हमला बोलते हुए सस्ती शिक्षा मुहैया कराने की वकालत की थी। हार्दिक ने कहा था कि शिक्षा पाना भारत के सभी बच्चों का मौलिक एवं संवैधानिक अधिकार हैं। सरकार के द्वारा शिक्षा का व्यापार करना और शिक्षा को महँगी करना घोर अपराध हैं। हम सब सस्ती और अच्छी शिक्षा का समर्थन करते हैं, जेएनयू के छात्रों की इस लड़ाई में हम सब उनके साथ हैं। आओ सब साथ मिलकर लड़ें।''
अब विवाद थमने के आसार
वहीं, दिल्ली में प्रदर्शनकारियों ने बढ़ी फीस को पूर्णतया वापस लेने, नया हॉस्टल मैनुअल रिजेक्ट करने, कक्षाओं की शुरू करने आदि मांगों को अधिकारियों के सामने फिर से रखा तो विवि प्रशासन ने कहा कि वे आगे बात करेंगे। शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (एबीवीपी) जेएनयू व डूसू के नेतृत्व में दिल्ली विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय तथा जामिया मिलिया इस्लामिया सभी यूनिवर्सिटीज के छात्र फीस वृद्धि के खिलाफ लामबंद होने लगे। उन्होंने मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा गठित हाई पावर कमेटी को भी खत्म करने व बिना किसी लाग-लपेट के छात्रों की सभी मांगें मान लेने का अनुरोध किया।












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