आगरा: दोस्तों के साथ 10 मिनट में 3 क्वार्टर शराब पीने की लगी शर्त, दाव जीता लेकिन जिंदगी हारा
आगरा में एक शख्स ने 10 मिनट में देसी शराब के तीन पव्वे पीने की शर्त को पूरा किया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी दो दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया है।

Agra Liquor Challenge: दोस्तों के बीच पैसों की शर्त लगाना आम बात है, लेकिन कभी-कभी कुछ ऐसी शर्त भी लग जाती है, जो जिंदगी पर भारी पड़ती है। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के आगरा से सामने आया, जहां शराब को लेकर लगी शर्त में शख्स जीत गया, लेकिन जिंदगी से हार गया। दोस्तों के बीच बैठे एक 45 वर्षीय शख्स के साथ 10 मिनट में तीन क्वार्टर शराब पीने की शर्त मिली थी, जिसके बाद जल्दी-जल्दी शराब पीने से उसकी मौत हो गई। इतना नहीं शख्स को अस्पताल ले जाने के बजाय उसकी जेब से पैसे भी पार कर लिए।
तीन देसी शराब के क्वार्टर पीने की लगी शर्त
आगरा में 45 वर्षीय व्यक्ति की शराब की ओवर लिमिट से मौत हो गई, जब उसके दो दोस्तों ने उसे 10 मिनट में तीन देसी शराब के क्वार्टर पीने की शर्त लगाई। पुलिस ने इस हादसे के बाद दोनों दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जानकारी के मुताबिक 8 फरवरी को जय सिंह ने अपने दो दोस्तों की चुनौती स्वीकार करते हुए कहा कि अगर वह ऐसा नहीं पाया तो तो बिल का पेमेंट करेगा। ई-रिक्शा चालक जय सिंह को बाद में उसके 16 वर्षीय बेटे करण ने शिल्पग्राम के पास सड़क किनारे बेहोशी की हालत में पाया था।
दो दोस्तों को किया गिरफ्तार
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बताया जा रहा है कि पहले तो उसे पास के दो निजी अस्पतालों में ले जाया गया, लेकिन दोनों जगह इलाज करने से इनकार कर दिया था। बाद में एसएन मेडिकल कॉलेज में जयसिंह को मृत घोषित कर दिया गया। इस पूरे मामले में पुलिस ने कहा कि दो दोस्तों भोला और केशव के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
जेब से निकाले 60 हजार रुपए
आगरा के धंदूपुरा मोहल्ले का रहने वाला जय चार नाबालिग बच्चों का पिता था, जिसमें तीन बेटे और एक बेटी है। आरोप है कि दोस्तों ने मृतक की जेब में रखे 60 हजार रुपए भी निकाल लिए। जय के भाई सुखबीर सिंह ने कहा, "भोला और केशव मेरे भाई के साथ 10 साल से अधिक समय से दोस्त थे। उन्होंने मेरे भाई की बिगड़ती तबीयत के बारे में हमें नहीं बताया और 60,000 रुपये लेने के बाद उसे मरने के लिए छोड़ दिया, जिसे वह पिछले साल खरीदे गए ई-रिक्शा की किस्त चुकाने के लिए ले जा रहा था।" भाई ने आरोप लगाया कि आरोपी बाद में हमसे मिलने आए और पुलिस शिकायत दर्ज नहीं करने के लिए दबाव डालने लगे।












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