DCP आगरा का कान खड़े करने वाला फैसला, वर्दी में सोशल मीडिया पर एक्टिंग पड़ी महिला सिपाही को भारी
Vial Video Of Female Police Constable: आगरा में वर्दी पहनकर एक महिला सिपाही सुनैना कुशवाह को रील बनाना भारी पड़ गया है। डीसीपी आगरा ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया है।

हाल ही में डीजीपी उत्तर प्रदेश ने 'उप्र पुलिस सोशल मीडिया नीति-2023' लागू कर यह निर्देश जारी किए थे कि अब पुलिसकर्मी सरकारी कार्य के दौरान सोशल मीडिया पर सक्रिय नहीं रह सकेंगे। न ही वर्दी पहनकर ऐसी फोटो या वीडियो अपलोड कर सकेंगे जो आचरण नियमावली के खिलाफ हो। वहीं पुलिस महानिदेशक डीएस चौहान ने इसे जारी करते हुए सख्ती से अमल के निर्देश भी दिए थे। वहीं यूपी के आगरा में एक डीसीपी ने महिला सिपाही को सोशल मीडिया पर रील बनाने के मामले में लाइन हाज़िर कर साफ़ कर दिया है कि यह आदेश महज कागजी नहीं है।

महिला सिपाही को रील बनाना पड़ा भारी
आपको बता दें कि आगरा में वर्दी पहनकर एक महिला सिपाही को रील बनाना भारी पड़ गया है। थाना किरावली में तैनात महिला सिपाही सुनैना कुशवाह ने वर्दी में एक रील बनाकर अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर कर दी। जिसके बाद देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। थाना प्रभारी उपेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि इंस्टाग्राम पर बनी रील सोशल मीडिया पर वायरल होने की खबर लगते ही डीसीपी पश्चिम जोन सोनम कुमार ने थाने पर तैनात महिला आरक्षी सुनैना कुशवाह को पुलिस आयुक्त आगरा द्वारा लाइन हाजिर कर दिया गया। साथ ही विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए गए। इसके एलावा कार्रवाई के बाद रील को भी सोशल मीडिया से हटा दिया गया।

कांस्टेबल से लेकर आईपीएस अधिकारी तक पर प्रतिबंध लागू
अपर पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने बताया कि कांस्टेबल से लेकर आईपीएस अधिकारी तक पर यह प्रतिबंध लागू किया गया है। इसके अनुसार सरकारी कार्य के दौरान कोई भी पुलिसवाला सोशल मीडिया का व्यक्तिगत प्रयोग नहीं कर सकेगा। साथ ही कार्यालय एवं कार्यस्थल पर पुलिस वर्दी में वीडियो, रील्स बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लाइव टेलीकास्ट को बैन कर दिया गया है। थाना, पुलिसलाइन्स, कार्यालय के निरीक्षण, ड्रिल, फायरिंग, शिकायतकर्ता के संवाद का लाइव टेलीकास्ट व्यक्तिगत सोशल मीडिया एकाउंट पर नहीं डाला जाएगा।
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क्यों की गई उप्र. पुलिस सोशल मीडिया नीति-2023 लागू
आपको बता दें कि पुलिस विभाग में सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए उप्र. पुलिस सोशल मीडिया नीति-2023 लागू कर दी गई है। इसमें पुलिसवालों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। कहा गया है कि अपराध के अन्वेषण या न्यायालय में लंबित प्रकरणों से संबंधित कोई गोपनीय जानकारी कोई भी पुलिस वाला सोशल मीडिया पर साझा न करे। इसके अलावा गोपनीय सरकारी दस्तावेज, हस्ताक्षरित रिपोर्ट, पीड़ित के प्रार्थनापत्र आदि को लेकर भी ऐसे ही निर्देश दिए गए है।












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