UP के पूर्व मंत्री चौधरी बशीर को पुलिस ने किया गिरफ्तार, तीन तलाक केस में चल रहे थे फरार
UP के पूर्व मंत्री चौधरी बशीर को पुलिस ने किया गिरफ्तार, तीन तलाक केस में चल रहे थे फरार
आगरा, 20 अगस्त: यूपी के पूर्व मंत्री चौधरी बशीर के खिलाफ मंटोला थाने में तीन तलाक का मुकदमा दर्ज है, जिसमें वो फरार चल रहे थे। पुलिस ने उन्हें गुरुवार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जहां से पूर्व मंत्री को जेल भेज दिया गया है। बता दें कि तीन तलाक का मुकदमा पूर्व मंत्री पर उनकी चौधी पत्नी नगमा ने दर्ज कराया था।
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दरअसल, पूर्व मंत्री की पत्नी नगमा 2 अगस्त को एसएसपी ऑफिस पहुंची और प्रार्थनापत्र दिया। नगमा ने आरोप लगाया था कि तीन तलाक का मुकदमा दर्ज कराने के बाद समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा है। धमकियां मिल रही हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने अब तक गिरफ्तारी नहीं की है। उन्होंने दूसरे थाने में विवेचना ट्रांसफर करने का आग्रह किया था। इतना ही नहीं, पूर्व मंत्री की पत्नी का आरोप है कि उन्हें महिलाओं के साथ अय्याशी करने का शौक है।
नगमा ने पुलिस को बताया कि उनका निकाह 11 नवंबर 2012 को मंटोला के ढोलीखार मोहल्ला निवासी पूर्व मंत्री चौधरी बशीर के साथ हुआ था। उनके दो बेटे एक आठ साल तो दूसरा सात साल का है। वह तीन साल से मायके में रह रही हैं। नगमा ने बताया कि पति चौधरी बशीर जब मंत्री थे, तब उनका विवाह गजाला से हुआ था। उनसे तलाक के बाद गिन्नी कक्कण, फिर तरन्नुम से हुआ। इसके बाद उनसे निकाह हुआ। उनके पत्नी रहते हुए चौधरी बशीर ने दिल्ली की रुबीना से शादी कर ली। अब नौकर की बहन से निकाह कर लिया है। वह पहले से शादीशुदा थी।
अग्रिम जमानत देने से कोर्ट किया इनकार
बता दें, तीन तलाक के मुकदमे में फरार चले रहे पूर्व मंत्री चौ. बशीर ने अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। प्रार्थना पत्र में कहा गया था कि राजनीतिक षड्यंत्र के तहत उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है। उनपर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। कोर्ट ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के लिए 11 अगस्त की तारीख दी थी। इसके बाद 16 अगस्त और अंतिम सुनवाई 18 अगस्त को हुई। कोर्ट ने मामले के तथ्य और परिस्थितियां और अभियुक्त के आपराधिक इतिहास को देखते हुए अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया।












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