बाढ़ में नाव में जन्मा बच्चा तो मां-बाप ने नाम रखा 'NDRF'
आरा। 2004 में आई सूनामी के बाद लक्ष्मी नारायम राय की पत्नी ने अपने बच्चे को इसी तबाही में जन्म दिया। इस तबाही के बाद जब उन्हें अपने का नाम रखने की बारी आई तो उन्होंने उसका नाम सूनामी रख दिया। राय से सीख लेकर बिहार के एक दंपत्ति ने भी यहीं कहानी दोहराई है।
लोग अपने बच्चे का नाम रखने के लिए मां-बाप और ज्योतिषी की सलाह लेते है, लेकिन बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाके में राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल (एनडीआरएफ) की मदद से नाव में जन्म लेने वाले बच्चे का नाम दंपति ने 'एनडीआरएफ' रख दिया। नाव पर एनडीआरएफ की मदद से जन्मे बच्चे का नाम उसके माता-पिता ने 'एनडीआरएफ' रख दिया।

भोजपुर के बड़हरा प्रखंड के कोशीहन गांव के रहने वाले दंपति माया देवी और इन्द्रजीत कहते हैं कि बुधवार को वे आरा अस्पताल से चिकित्सकों से जांच करा कर एनडीआरएफ की नाव से वापस अपने गांव लौट रहे थे कि रास्ते में प्रसव पीड़ा प्रारंभ हो गई। इसके बाद एनडीआरएफ के कर्मचारियों और कुछ महिलाओं की मदद से नाव में ही बच्चे का जन्म हुआ। इसलिए हमने इसका नाम एनडीआरएफ रख दिया।
दंपति का कहना है कि एनडीआरएफ अगर नहीं होता तब शायद इस बच्चे को बचा पाना मुश्किल था। इधर, बच्चे के एनडीआरएफ के नामाकरण के बाद एनडीआरएफ दल भी खुश है।
एनडीआरएफ दल के राकेश सिंह कहते हैं कि भगवान का शुक्र है कि प्रसव बिना किसी परेशानी हो गया है। उन्होंने बच्चे का नाम एनडीआरएफ रखने पर दंपति का आभार जताते हुए कहा कि हम उस समय दंपति की मदद कर पाए, जब उन्हें मदद की सख्त आवश्यकता थी। इससे उन्हें भी अपने कार्य से संतुष्टि मिली है।
गौरतलब है कि वर्ष 2008 में आई कोसी नदी में प्रलंयकारी बाढ़ के दौरान भी एक राहत शिविर में जन्म लेने वाली बच्ची का नाम कोसी कुमारी और एक बच्चे का नाम प्रलय कुमार रखा गया था। देश में आए सुनामी के समय भी पोर्ट ब्लेयर में जन्मी एक बच्ची का नाम सुनामी रखा गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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