आसाराम केस: शिंदे को नहीं सुनाई दीं पीड़िता की सिसकियां
नयी दिल्ली। देश में महिलाएं सुरक्षित नहीं है। कभी दिल्ली गैंगरेप देश को झगझोर जाता है तो कभी मुंबई में महिला पत्रकार के साथ हुए गैंगरेप वारदात। देश को कोई कोना नहीं बचा जहां महिलाएं सुरक्षित हो। आखिर हो भी क्यों नहीं जब हमारे देश के गृहमंत्री को महिलाओं की सुरक्षा की चिंता ही नहीं। देश के गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे को उस मासूम बच्ची की सिसकियों को भी अहसास नहीं था जो दिल्ली पुलिस के सामने धर्मगुरु आसाराम बापू का चिट्ठा कोल रही थी।
जी हां, भले ही आपको ये अटपटा लगे, लेकिन सच यहीं है कि हमारे देश के गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे को उस मासूम लड़की के साथ बीते दर्द का पता नहीं जो उसे आसाराम बापू ने दिए। दरअसल शिंदे को आसाराम बापू पर लगे रेप आरोपों के बारे में कुछ भी नहीं पता। जब लोकसभा में लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अध्यक्ष राम विलास पासवान ने इस मामले को उठाते हुए आसाराम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

आसाराम पर एक नाबालिग ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। गृहमंत्री शिंदे ने कहा, "माननीय सदस्य ने आसाराम बापू के बारे में जिक्र किया। ये सभी राज्य के मामले हैं और मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।" उन्होंने कहा, "जब भी हमें संबंधित राज्य से जुड़ी कोई जानकारी मिलेगी, हम इसे सदन के साथ साझा करेंगे। ये शब्द हमारे गृहमंत्री के है।
अगर हमारे मंत्री इस तरह के शब्द का इस्तेमाल करे तो महिलाएं देश में सुरक्षित कैसे हो पाएंगी। गैरतलब है कि 16 वर्षीय लड़की द्वारा आसाराम के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराए जाने पर पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए नोटिस भेजा है। लड़की ने जोधपुर में उनके आश्रम में उसका उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाया है। आसाराम हालांकि, इस आरोप से इंकार कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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