अंधविश्‍वास के खिलाफ जंग लड़ रहे नरेंद्र दबोलकर की हत्‍या

पुणे। महाराष्‍ट्र के स्‍वयंसेवी नरेंद्र दबोलकर जिन्‍होंने अपनी जिंदगी अंधविश्‍वास के खिलाफ जंग को न्‍योछावर कर दी, उनकी पुणे में ओमकारेश्‍वर पुल के पास गोली मार कर हत्‍या कर दी गई। दाबोलकर वह व्‍यक्ति थे, जिन्‍होंने महाराष्‍ट्र सरकार को अंधविश्‍वास एवं जादू-टोना विरोधी विधेयक लाने पर मजबूर किया था।

पेशे से डॉक्‍टर दाबोलकर ने कई साल पहले डॉक्‍टरी छोड़ कर समाजसेवा में कदम रखा। उन्‍होंने वह मुद्दा उठाया, जिसकी चपेट में पूरा भारत है। वो है अंधविश्‍वास, जादू-टोना, तंत्र-मंत्र, आदि। इस के खिलाफ उन्‍होंने साधना पत्रिका निकाली। वो साधना पत्रिका के संपादक भी थे। पुणे के पुलिस कमिश्‍नर गुलाबराओ पोल ने कहा कि हत्‍या के पीछे बड़ी साजिश रची गई थी, यह तो पक्‍का है, लेकिन किसने रची और इसके पीछे किसका हाथ है, यह अभी नहीं पता चला है। दबोलकर अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्‍यक्ष भी थे।

Narendra

हालांकि दबोलकर से जुड़े लोगों का कहना है कि हत्‍या के पीछे उन लोगों का हाथ हो सकता है, जिनकी दुकाने दबोलकर की वजह से बंद होने लगी हैं।

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