चारा घोटाले में लालू को करारा झटका, जज बदले जाने की अर्जी खारिज

नयी दिल्‍ली (ब्‍यूरो)। बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाला मामले में देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने करारा झटका दिया है। कोर्ट ने जज बदलने की लालू की अर्जी को खारिज कर दिया है। लालू यादव ने सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई कर रहे जजों को बदलने की मांग की थी जिसके संबंध में कोर्ट ने लालू यादव से 15 दिनों का वक्‍त मांगा था। इस फैसले को लालू यादव के लिये करारा झटका माना जा रहा है। मालूम हो कि इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट ने लालू के इस मांग को खारिज कर दिया था।

उल्‍लेखनीय है कि चीफ जस्टिस पी सदाशिवम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के सामने लालू प्रसाद यादव के वकील ने दलील दी थी कि चारा घोटाले के मुकदमे की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश पी के सिंह उनके साथ पक्षपात कर सकते हैं क्योंकि वह नीतीश कुमार सरकार में शिक्षा मंत्री पी के शाही के रिश्तेदार हैं। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस पी सदाशिवम, न्यायमूर्ति रंजन प्रकाश देसाई और न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की पीठ ने कहा कि किसी जज का मंत्री से रिश्तेदारी होना उसे बदलने की वजह नहीं हो सकता।

RJD leader Lalu Prasad
आपको बताते चलें कि 23 जुलाई को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चारा घोटाले के एक मामले में लालू यादव को राहत देते हुए कहा था कि दोनों पक्ष आपस में विचार कर लें और अगर दोनों में सहमति बने तो चारा घोटाले के मामले में जज को बदला जा सकता है। कोर्ट ने साफ किया कि अगर ऐसा नहीं होता है तो मामले को हाईकोर्ट में भी शिफ्ट किया जा सकता है। मालूम हो कि मामला अविभाजित बिहार के चाइबासा कोषागार से गलत तरीके से 37.70 करोड़ रुपये निकालने से जुड़ा है, जो अब झारखंड का हिस्सा है। लालू प्रसाद उस वक्त बिहार के मुख्यमंत्री थे। इस मामले के 45 आरोपियों में बिहार के एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा भी शामिल हैं।
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